
काफी दिनों से घर में संचालित था खाद दुकान
पटेढ़ी बेलसर में नकली खाद बनाने का गोरखधंधा सामने आया है। स्थानीय दुकानदार तारकेश्वर साह अपने घर पर नकली खाद और बीज का धंधा चला रहा था। इस धंधे में उसके परिवार के सदस्य भी शामिल थे। कृषि विभाग को इस गोरखधंधे से लाखों रुपये का नुकसान होने की बात कही जा रही है।
पटेढ़ी बेलसर। सं.सू. नकली खाद बनाने का काम काफी दिनों से चल रहा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि घर के पास शाम में भारी मात्रा में खाद एवं बीज की सप्लाई होती थी। स्थानीय दुकानदार से ज्यादा बाहर के जिले के दुकानदार खाद पिकअप पर लेकर जाते थे। दुकानदार तारकेश्वर साह पहले बेलसर बाजार पर अपनी खाद एवं बीज का दुकान खोल रखे थे, लेकिन वह हाल के दिनों में अपने घर पर ही खादबीज की बिक्री करने लगे। सबसे बड़ा सवाल है कि क्या उसके पास खादबीज एवं कीटनाशक दवाओं के बेचने का लाइसेंस था, तो वह घर के अंदर अपना धंधा क्यों स्टार्ट कर दिए।
हालांकि बीएओ वीरेंद्र पासवान ने बताया कि उसके पास उर्वरक एवं बीज बेचने का लाइसेंस काफी सालों से है। देर रात तक घर के अंदर मजदूरों की हलचल रहती थी, लेकिन हर कोई जानता था कि वह खाद बेचने का काम करते हैं, इसलिए कोई इस गोरखधंधे की ओर ध्यान नहीं दिया। इस गोरखधंधे के मास्टरमाइंड तारकेश्वर साह तो स्वंय थे लेकिन इसमें इसके सहयोगी के रूप में उसके घर के सभी सदस्य शामिल थे। क्योंकि घर के अंदर खुलेआम नकली खाद बनाई जाती थी। इसके साथ ही नामी गिरामी कम्पनी के नाम से नकली गेंहू के बीज की पैकेजिंग की जाती थी। इस धंधे के कारण सरकार एवं कृषि विभाग को लाखों रुपये के चपत लगने की बात कही जा रही है। टीम के एक अधिकारी ने कहा कि इस गोरखधंधे से सरकार को काफी राजस्व का घटा हुआ है। नमक एवं केमिकल खेत को बना देता है बंजर किसानों को भी इस नकली खाद के इस्तेमाल से काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। कृषि पदाधिकारी ने बताया कि नमक एवं केमिकल खेत के उर्वरक शक्ति को खत्मकर खेत को बंजर बना देता है। स्थानीय पदाधिकारी एवं कर्मियों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा गोरखधंधा चलना मुश्किल है। क्योंकि उक्त दुकानदार द्वारा सीधे किसानों को खाद, बीज या कीटनाशक दवा की बिक्री न के बराबर की जाती थी। वह घर के अंदर से ही इस साम्राज्य को चला रहा था। थोक विक्रेता के रूप में वह जिले के बाहर भी खाद की सप्लाई करता था, लेकिन आज तक जिला एवं स्थानीय पदाधिकारियों द्वारा कभी भी कार्रवाई नहीं की गई। बरामदगी की सूची भारत एमओपी(60 % K2o)-40 बैग, एनपीकेएस 157 बैग सब 50 केजी में, श्री राम सुपर (303)-30 बैग, टाटा पारस 800केजी, कैल्शियम नाइट्रेट 320 पॉकेट, सल्फॉस टैबलेट 90 बोतल,सल्फास 144 पॉकेट, गोयल साल्ट-757 पॉकेट,सीलिंग मशीन 4,पैकेजिंग मशीन 1,खाली बोरा 200,जिंक का बोरा 5000 पीस,एमओपी रॉ मटेरियल 1000 केजी बरामद किया गया है। बेलसर - 03- बरामद खाली रॉ मैटेरियल एवं रैपर

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