Hajipur News: महुआ पीएचसी में 80 यक्ष्मा रोगियों के बीच पौष्टिक आहार का हुआ वितरण
Hajipur News: विभिन्न अस्पताल संचालकों द्वारा यक्ष्मा मरीजों को लिया गया गोद, अगले 6 माह तक उपलब्ध कराते रहेंगे पौष्टिक आहार महुआ, एक संवाददाता। यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को 80 यक्ष्मा मरीजों के बीच...

Hajipur News: यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को 80 यक्ष्मा मरीजों के बीच पौष्टिक आहार का वितरण किया गया। जिसमें फल, अंडा सहित विभिन्न भोजन के सामान दिए गए। पौष्टिक आहार मिलते ही लाभुको के चेहरे खिल गए। यह वितरण अस्पताल प्रभारी डॉक्टर अभिषेक कुमार के उपस्थिति में देव हास्पिटल के डॉ महेश चौधरी के पुत्र देवांश चौधरी, आसमा अस्पताल के संचालक डॉ समीम अंसारी, कृष्णा के डॉ उदय शंकर कुमार, चाइल्ड केयर के डॉ श्यामसुंदर सिंह, चंचल सुमन नर्सिंग कॉलेज के प्रेम शंकर कुमार राजा व सुरभि सुमन, पीएचसी के डॉक्टरों आदि के सौजन्य से किया गया। सभी अस्पताल संचालकों में अपने सामर्थ्य के अनुसार यक्ष्मा मरीजों को गोद लिया। प्रभारी ने बताया कि वे लोग अन्नदाता के रूप में अगले 6 माह तक 5 सौ के पोषाहार हर महीने उपलब्ध कराते रहेंगे। यक्ष्मा मरीजों को गोद लेने वाले अन्नदाता डॉक्टरों ने कहा कि एसे मरीजों को इलाज से ज्यादा समय-समय पर पौष्टिक आहार लेने और उन्हें स्नेह देने की जरूरत है। यह बीमारी पौष्टिक आहार लेने और लोगों के स्नेह मिलने से से दूर होती है। यहां 261 यक्ष्मा मरीजों को विभिन्न दयावान लोगों के द्वारा गोद लिया जाना है।
महुआ अनुमंडल अस्पताल में गरीब मरीजों को मिल रही डायलिसिस सुविधा
महुआ, एक संवाददाता। स्थानीय अनुमंडल अस्पताल में गरीब मरीजों को डायलिसिस सुविधा जीवनदान के रूप में साबित हो रहा है। यहां प्रतिदिन 09 रोगियों का डायलिसिस होता है। अनुमंडल अस्पताल में डायलिसिस सुविधा हो जाने से सबसे ज्यादा क्षेत्रीय गरीब मरीजों को जीवनदान मिल रहा है। बुधवार को भी यहां 09 इमरजेंसी रोगियों का डायलिसिस किया गया। बताया गया कि यहां डायलिसिस सुविधा खुल जाने से क्षेत्रीय गरीब रोगियों को ना तो बाहर जाने पड़ रहे हैं और न हीं उन्हें इसके लिए महाजन से कर्ज लेना पड़ रहा है। यह डायलिसिस सेंटर उनके लिए जीवनदाता बनी है। यह डायलिसिस सेंटर राज्य स्वास्थ्य समिति नेफ्रो प्लस की ओर से 2 महीने पूर्व चालू किया गया है। बताया गया कि अभी तक 300 रोगियों का डायलिसिस यहां किया जा चुका है। डॉ धीरज बताते हैं कि यहां डायलिसिस के लिए आने वाले रोगियों को चार घंटे रहने पड़ते हैं। उनके लिए डायलिसिस सेंटर में 03 बेड लगाए गए हैं। जिसमें तीन शिफ्ट में डायलिसिस किए जाते हैं। नवनीत कुमार
प्रश्नोत्तरी
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


