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1 जुलाई, 2020|9:48|IST

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चमकी बुखार से बचाव के लिए बच्चों को पिलाई होमियोपैथिक की ड्रॉप

पिछले वर्ष की घटनाओं से सीख लेते हुए इस वर्ष गर्मी शुरू होते ही स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने चमकी बुखार से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। सीएचसी भगवानपुर ने चमकी बुखार से बचाव के लिए एक छह सदस्यीय मेडिकल टीम गठित की है। टीम में  डॉक्टर नलिन के अलावा  फार्मासिस्ट अमित कुमार, एनएएम सबनम कुमारी, आशा रूबी कुमारी, कमला कुमारी एवं रेखा कुमारी हैं।

टीम फिलहाल हरिवंशपुर गांव में सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक कैंप करेगी। शनिवार को टीम ने गांव में ओआरएस एवं पारासीटामोल के साथ होमियोपैथिक दवा वितरण किया एवं चमकी बुखार से बचाव के लिए बच्चों को होमियोपैथिक की ड्राप पिलाई एवं चमकी बुखार के प्रति लोगों को जागरूक किया एवं चमकी बुखार का लक्षण दिखाई देते ही उक्त दवा का सेवन करने की सलाह दी। विशेष परिस्थिति में तुरंत सीएचसी में भर्ती कराने का सुझाव दिया। 

ज्ञात हो कि बीते साल भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र में हरिवंशपुर सहथा एवं मांगनपुर गांव आदि में चमकी बुखार से दर्जनों बच्चे की मौत हो गई थी। जिसमें केवल हरिवंशपुर गांव में करीब एक दर्जन बच्चों की मौत हुई थी। उसके बाबजूद प्रशासन मूक दर्शक बने थे। इस बात को लेकर ग्रामीणों में आक्रोशित व्याप्त हो गया था और एनएच जामकर उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया गया था। इतना ही एक दर्जन बच्चों के मौत की खबर सुनकर हरिवंशपुर गांव पहुंचे विधायक एवं बीडीओ को ग्रामीणों ने घंटों बंधक बनाया था। तब जाकर प्रशासन की नींद खुली और गांव में पानी, मेडिकल सहित अन्य सुविधाए उपलब्ध कराई गई थी।

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  • Web Title:Chamki bukhar in Bihar Homeopathic drops of children to avoid Chamki bukhar fever in Bhagwanpur Hajipur Bihar