हम दूसरों के दर्द को अपना समझेंगे, तभी इंसान बनेंगे : डीएम
बौद्धि बृक्ष की पूजा अर्चना की उसके बाद बौद्ध भिक्षुओं द्वारा पूजा अर्चना प्रधान पुजारी डॉ. पी सी चन्द्रा ने बुद्ध के जीवन और उपदेशों पर प्रकाश डाला

वैशाली। सं.सू. बुद्ध जयंती के मौके पर शुक्रवार को बुद्ध समयक दर्शन संग्रहालय सह स्मृति स्तूप पहुंची जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने सर्व प्रथम बोद्धी वृक्ष की पूजा अर्चना की। इसके बाद बौद्ध भिक्षुओं ने पूजा अर्चना में शामिल होकर पूजा की। इस मौके पर स्कूली बच्चों को सम्बोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि यदि हम दूसरों के दर्द और पीड़ा को अपना समझेंगे, तभी सही मायने में इंसान बन पाएंगे। यही संदेश भगवान बुद्ध ने दिया है, जिसे हम सभी को अपने जीवन में अपनाकर आगे बढ़ना चाहिए।
बौद्ध भिक्षुओं की पूजा
उन्होंने बच्चों से अपील करते हुए कहा कि वे अच्छे इंसान बनें और अपने देश, राज्य, जिला एवं गांव का नाम रोशन करें। जिला पदाधिकारी ने कहा कि समाज में करुणा, सहिष्णुता और आपसी सद्भाव की भावना ही वास्तविक मानवता की पहचान है। भगवान बुद्ध के उपदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उस समय थे। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि वे उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें।
बुद्ध के उपदेश
कार्यक्रम के दौरान थाई मंदिर के प्रधान पुजारी डॉ. पी सी चन्द्रा ने बुद्ध के जीवन और उनके उपदेशों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बुद्ध ने संसार को सत्य, अहिंसा, करुणा और मध्यम मार्ग का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि बुद्ध का जीवन त्याग और तपस्या का प्रतीक है, जिसने मानवता को शांति और सद्भाव की राह दिखाई। पुजारी ने कहा कि आज के समय में बुद्ध के विचार और भी प्रासंगिक हो गए हैं। यदि लोग उनके बताए मार्ग पर चलें, तो समाज में व्याप्त हिंसा, द्वेष और भेदभाव को समाप्त किया जा सकता है। इस अवसर पर प्रो. रामनरेश राय, विनय पासवान, रवि किशन, नीता कुमारी आदि ने भी भगवान बुद्ध के बारे मे विस्तार से बताते हुए उनके सिद्धांतों पर चलने की बात कही। - प्रभात
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