पशु बांझपन निवारण सह जागरूकता शिविर में 371 पशुओं का इलाज
डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से पशु बांझपन निवारण सह जागरूकता शिविर लगातार जारी मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रविशंकर विद्यार्थी ने कहा कि पश़ुओं में बांझपन की एक बड़ी समस्या है शिविर का...

हाजीपुर । एक प्रतिनिधि वैशाली जिले में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से पशु बांझपन निवारण सह जागरूकता शिविर लगातार जारी। आत्मनिर्भर बिहार सात निश्चय-2 अंतर्गत बुधवार को अनुमंडल पशु चिकित्सालय के द्वारा शहर के बड़ी युसुफपुर एवं गोकुला पशु चिकित्सालय की ओर से मथूरा सुल्तानपुर मध्य विद्यालय परिसर में शिविर का आयोजन किया गया। बड़ी युसूफपुर पशु बांझपन निवारण शिविर का शुभारंभ करते हुए अनुमंडल पशु चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रविशंकर विद्यार्थी ने कहा कि पश़ुओं में बांझपन की एक बड़ी समस्या है। पशु बांझपन निवारण के लिए गांव-गांव पशुपालकों के घर से समीप शिविर लगाया गया है, ताकि पशुपालकों को असुविधा ना हो।
उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य बेहतर पशु स्वास्थ्य प्रबंधन व पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देना है। पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नील कमल ने कहा कि बांझपन की समस्या से पशुपालकों को आर्थिक नुकसान होता है। इसलिए शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में तिथिवार शिविर लगाकर पशुओं का इलाज किया जा रहा है। शिविर के माध्यम से बांझपन निवारण के लिए पशुओं का इलाज कर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। सामान्य वर्ग के 39 पशुपालकों के 122 गाय एवं भैंस का स्वास्थ्य परीक्षण डॉ. विद्यार्थी ने बताया कि शिविर में सामान्य वर्ग के 39 पशुपालकों के 122 गाय एवं भैंस का स्वास्थ्य परीक्षण कर इलाज एवं अनुसूचित जाति वर्ग के 25 पशुपालकों के 58 पशुओं का इलाज कर नि:शुल्क दवाओं का वितरण किया गया है। शिविर में मोबाइल पशु चिकित्सालय के डॉ. प्रतिमा कुमारी पशुओं का स्वास्थ्य जांच कर रही थीं। जिला भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. हेमंत कुमार राय ने बताया कि जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. प्रभावती कुमारी की देखरेख में प्रतिदिन निर्धारित स्थलों पर शिविर लगाया जा रहा है। बुधवार को बिदुपुर के मथूरा सुल्तानपुर स्थित मध्य विद्यालय परिसर में आयोजित शिविर में 57 पशुपालकों के 191 गाय एवं भैंस का स्वास्थ्य जांच कर नि:शुल्क दवाएं दी गई है। पशुओं को हरा चारा समेत खनित मिश्रण खिलाने की जरूरत शिविर में पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. धर्मवीर सिंह एवं डॉ. प्रमोद कुमार समेत मोबाइल पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सक पशुओं का इलाज कर रहे थे। जिला भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी हेमंत कुमार राय ने बताया कि आयोजित शिविरों में पशुपालकों को पशु के बेहतर देखभाल के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पशुओं को हरा चारा समेत खनित मिश्रण खिलाने की जरूरत है, ताकि बांझपन जैसी बीमारी से बचाव हो सके। जयप्रकाश
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