बिहार में उच्च शिक्षा के लिए गांव में ही खुलेंगे कॉलेज, शहर जाने की मजबूरी खत्म

हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
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बता दें कि इसका फायदा इस बार बिहार बोर्ड से इंटर पास छात्रों को होगी। इसके अलावा सीबीएसई से 12वीं करने वाले छोटे शहर और कस्बों के छात्र और छात्राओं को होगी। उन्हें अब उच्च शिक्षा के लिए राजधानी पटना या अन्य शहर जाने की जरूरत नहीं होगी।

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Bihar News: बिहार के गांवों में रहने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। अब ग्रामीण इलाकों में रहने वाले छात्र खासकर छात्राओं को उच्च शिक्षा ग्रहण करने की सुविधा मिलेगी। अब इंटर करने के बाद पढ़ाई बीच में नहीं छूटेगी, बल्कि स्नातक करने का मौका गांव में ही मिलेगा। राज्यभर में 215 प्रखंडों में स्नातक स्तर के कॉलेज खोले जा रहे हैं। इससे इस बार स्नातक में 38 हजार 700 नई सीटों पर दाखिला होगा। ये कॉलेज उन विवि की ओर से खोले जा रहे हैं, जिसके अंतर्गत संबंधित जिला और उसके प्रखंड आते हैं। पाटलिपुत्र विवि की बात करें तो पटना और नालंदा जिला मिलाकर कुल 16 प्रखंडों में कॉलेज खोले जा रहे हैं।

बता दें कि इसका फायदा इस बार बिहार बोर्ड से इंटर पास छात्रों को होगी। इसके अलावा सीबीएसई से 12वीं करने वाले छोटे शहर और कस्बों के छात्र और छात्राओं को होगी। उन्हें अब उच्च शिक्षा के लिए राजधानी पटना या अन्य शहर जाने की जरूरत नहीं होगी। स्नातक की पढ़ाई अब गांव में रहकर ही कर सकेंगे। तमाम विवि की ओर से नामांकन प्रक्रिया अप्रैल से मई के बीच शुरू कर दी जाएगी। संबंधित प्रखंड के छात्र अपने जिले के विवि में दाखिला ले सकेंगे। राज्य सरकार ने 215 प्रखंड का नाम जारी कर दिया है। इसके साथ किस प्रखंड के कॉलेज किस विवि के अंतर्गत खोले जायेंगे, इसकी भी सूची संबंधित विवि को दे दी गयी है।

हर कॉलेज में छह विषयों में 30-30 सीटों पर नामांकन होगा

सभी नये कॉलेज में पांच-पांच विषयों की पढ़ाई शुरू होगी। इनमें अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति शास्त्र, हिन्दी, समाजशास्त्र, अंग्रेजी विषय शामिल है। हर विषय में 30-30 सीट पर दाखिला लिया जाएगा। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। सभी विवि को इसके लिए दिशा निर्देश दिया जा चुका है। इंटर पास ग्रामीण इलाके के छात्र-छात्राओं को अब आसानी से दाखिला मिल जाएगा।

सबसे ज्यादा बेगूसराय, गया जी और सीवान में खुलेंगे कॉलेज

नये कॉलेज खोलने में सबसे ज्यादा बेगूसराय से 11 प्रखंड शामिल है। वहीं गया जी और सीवान से दस-दस प्रखंड में कॉलेज खोले जा रहे हैं। इसके अलावा गोपालगंज, नालंदा, सारण, सीतामढ़ी के नौ-नौ प्रखंडों में कॉलेज खोले जा रहे हैं। इसके अलावा जिलों में दो से लेकर आठ प्रखंडों को शामिल किया गया है, जहां पर कॉलेज खोले जा रहे हैं।

इन कॉलेजों में नामांकन प्रक्रिया के पहले प्राचार्य की नियुक्ति होनी है। राज्य सरकार की ओर से चिट्ठी आने के साथ ही विवि स्तर पर प्राचार्य की नियुक्ति की जाएगी। वहीं विषयवार अतिथि शिक्षक रखें जाएंगे। ये सारी प्रक्रियाएं जून तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद जुलाई से नये सत्र में पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू होगी।

विवि करेंगे प्राचार्यों की नियुक्ति, अतिथि शिक्षक रखे जाएंगे

पाटलिपुत्र विवि के रजिस्ट्रार अबू बकर ने कहा कि पीपीयू के अंतर्गत पटना और नालंदा जिले के 16 प्रखंडों में कॉलेज खोले जाएंगे। इसके लिए प्रखंडों का चयन कर लिया गया है। पटना में सात और नालंदा के नौ प्रखंड शामिल है। इसी सत्र से स्नातक में दाखिला होगा। इन कॉलेजों में नामांकन प्रक्रिया के पहले प्राचार्य की नियुक्ति होनी है। राज्य सरकार की ओर से चिट्ठी आने के साथ ही विवि स्तर पर प्राचार्य की नियुक्ति की जाएगी। वहीं विषयवार अतिथि शिक्षक रखें जाएंगे। ये सारी प्रक्रियाएं जून तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद जुलाई से नये सत्र में पढ़ाई होगी।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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