
बिहार में बागमती और महानंदा नदी पर 3 बराज का सर्वे शुरू, इन 8 जिलों को बाढ़ से मिलेगी राहत
तीन नए बराज बनने से सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, खगड़िया, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया जिले की बड़ी आबादी को लाभ होगा। पिछले वर्ष सितंबर में केन्द्र ने बागमती और महानंदा पर तीन बराज को हरी झंडी दी थी।
बिहार में तीन नये बराज के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। तीनों बराज के लिए सर्वे का काम प्रारंभ हो गया है। बागमती नदी पर दो जबकि महानंदा नदी पर एक बराज का निर्माण होगा। पिछले दिनों केन्द्रीय टीम व विशेषज्ञों का दल महानंदा नदी के प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करने पहुंचा। टीम शीघ्र ही बागमती नदी का भी दौरा करेगी।
तीन नए बराज बनने से सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, खगड़िया, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया जिले की बड़ी आबादी को लाभ होगा। पिछले वर्ष सितंबर में केन्द्र ने बागमती और महानंदा पर तीन बराज को हरी झंडी दी थी। केन्द्रीय जल आयोग के परियोजना मूल्यांकन संगठन ने इन परियोजनाओं की प्रारंभिक संभाव्यता रिपोर्ट को मंजूरी दी है। अब तीनों बराज की डीपीआर का काम शुरू होगा। इससे पहले सर्वे का काम किया जा रहा है।
इस समय कोसी, गंडक और सोन पर बराज हैं। विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बताया कि हम बराज निर्माण को लेकर आगे की कार्रवाई में जुटे हैं। दरअसल, पिछले केन्द्रीय बजट में बाढ़ न्यूनीकरण एवं सिंचाई परियोजनाओं, बराज निर्माण सहित नई और चालू योजनाओं के लिए 11,500 करोड़ की वित्तीय सहायता दी गयी है।
बाढ़ से सुरक्षित होंगे ये इलाके
महानंदा: महानंदा नदी पर किशनगंज के तैयबपुर में बराज बनेगा। इसके बनने से किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया जिले के बड़े हिस्से को बाढ़ से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा इन जिलों के बड़े हिस्से में सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध हो सकेगा।
बागमती: सीतामढ़ी के ढेंग व कटौंझा में बागमती पर नये बराज का निर्माण होगा। इसका लाभ सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा व खगड़िया जिले को होगा। इन जिलों के बड़े इलाके को बाढ़ से मुक्ति मिलेगी। साथ ही सिंचाई की सुविधा भी मिल सकेगी।





