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राम कथा सुनने मात्र से ही जीवन के कष्ट हो जाते हैं दूर : विद्या भास्करजी

रामनगर में चल रहे रुद्र महायज्ञ में कथा वाचक ने सुनायी राम की महिमा नारायण महायज्ञ में प्रवचन करते हुए शंख बाबा भोरे,एक संवाददाता। प्रखंड के रामनगर में चल रहे अति रुद्र महायज्ञ में बुधवार को राम कथा...

राम कथा सुनने मात्र से ही जीवन के कष्ट हो जाते हैं दूर : विद्या भास्करजी
हिन्दुस्तान टीम,गोपालगंजWed, 21 Feb 2024 11:30 PM
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भोरे,एक संवाददाता। प्रखंड के रामनगर में चल रहे अति रुद्र महायज्ञ में बुधवार को राम कथा सुनाते हुए विद्या भास्कर जी महाराज ने कहा कि रामकथा एक औषधि है। इसको सुनने से जीवन के दु:ख दूर हो जाते हैं । सुख जाग जाते हैं। यदि जीवन में प्रभु के दर्शन की अभिलाषा हो तो निरंतर कथा श्रवण करना चाहिए। इससे सभी कार्य सिद्ध होंगे। कहा कि रामचरित मानस में गोस्वामी तुलसी दास ने कलियुग में प्रभु नाम के स्मरण करने से बेड़ा पार होने का मंत्र दिया है। विभीषण का जीवन भी तभी बदला, जब हनुमान जी ने उन्हें कथा श्रवण कराई। रामकथा जीवन में आमूल चूल परिवर्तन लाती है। प्रभु का कथा सुनने से भक्तों का निरंतर प्रेम बढ़ता जाता है। जब प्रभु की कथा इतनी सुंदर है तो प्रभु कितने सुंदर होंगे। भगवान के दर्शन का मुख्य सूत्र ही रामकथा श्रवण है। कथा के पूर्व हथुआ राज के लोगों के आलावे हेमकांत शरण देवाचार्य जी के द्वारा व्यासपीठ का पूजन किया गया।

कैकेयी व मंथरा नहीं रहतीं तो अवतरित राम मर्यादा पुरुषोत्तम नहीं होते

भोरे। प्रखंड के रिनीमठ में आयोजित श्री विष्णु मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा सह लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में प्रवचन करते हुए

मामखोर पीठाधीश्वर संत श्री हरिपूर्णा नंद जी महाराज उर्फ शंख बाबा ने रामायण में कैकेयी तथा मंथरा का वर्णन किया। कहा कि यदि मां कैकेयी तथा मंथरा नहीं रहतीं तो अवतरित राम मर्यादा पुरुषोत्तम नहीं होते। न अहिल्या का उद्धार होता न ताड़का का वध होता। राम सुग्रीव की मित्रता भी नहीं होती। बाली का वध और जटायु का मोक्ष भी नहीं होता। मारीची तथा मेघनाथ का वध तथा विभीषण को लंकेश का पद भी नहीं मिलता। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में सोनभद्र से पधारीं बाल व्यास सुश्री आराधना शास्त्री ने राम विवाह के धनुष प्रसंग के अंतर्गत योद्धाओं की वीरता का वर्णन करते हुए परशुराम लक्ष्मण संवाद को सुनाया। मंच का संचालन शिक्षाविद डॉ. जैनेंद्र कुमार शुक्ल प्रभात ने किया। मौके पर यज्ञ समिति के रंजन मिश्रा, सुनील कुमार मिश्रा, मुकेश मिश्रा, अभिनव मिश्रा, संतोष सिंह राधा कृष्ण सिंह, नंदकिशोर सिंह, पं धर्मनाथ मिश्र आदि थे।

धीरेंद्र शास्त्री के आने की अफवाह से उमड़ा जन सैलाब

प्रखंड के रामनगर में आयोजित अति रुद्र महायज्ञ के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बाबा बागेश्वर धाम के आने की अफवाह से बुधवार को यज्ञ स्थल पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी।भोरे सहित जिले के दूसरे प्रखंडों और जिलों तथा सीमावर्ती यूपी से भी बड़ी संख्या में भक्त रामनगर की ओर पहुंचने लगे। अत्यधिक भीड़ के कारण मंच से लगातार यज्ञ कमेटी के लोग यह उद्घोषणा करते रहे कि बागेश्वर धाम वाले बाबा का आगमन नहीं हो रहा है। लेकिन, लोग मानने को तैयार नहीं थे। यज्ञस्थल के पास बनाए गए हेलीपैड पर भी सैकड़ों की संख्या में लोग धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आने का इंतजार करते रहे।

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