अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी: त्रिदंडी स्वामी
बैकुंठपुर प्रखंड के बखरी गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के दौरान गुरुवार की रात बोले प्रवचनकर्ता फोटो नंबर 121- बैकुंठपुर प्रखंड के बखरी गांव में गुरुवार की रात प्रवचन करते त्रिदंडी...

बैकुंठपुर। एक संवाददाता प्रखंड के बखरी गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के दौरान गुरुवार की रात श्री श्री 108 गंगापुत्र लक्ष्मी नारायण त्रिदंडी स्वामी जी महाराज ने प्रवचन सुनाया। कहा कि अत्याचार के खिलाफ आवाज नहीं उठाना कायरता की पहचान है। उन्होंने महाभारत प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि युद्धभूमि में अपने सगे-संबंधियों को देखकर पांडव पुत्र अर्जुन भावुक हो गए थे। यह कायरता नहीं बल्कि मानवीय संवेदना का परिचायक था। स्वामी जी ने कहा कि महाभारत युद्ध आरंभ होने से पहले भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया। जिससे उनके मन का मोह भंग हुआ।
इसके बाद अर्जुन ने धर्म और न्याय की रक्षा के लिए धनुष उठाया। उन्होंने अत्याचार के खिलाफ युद्ध किया। उन्होंने कहा कि जीवन में सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलने के लिए साहस आवश्यक है। महायज्ञ के दूसरे दिन शुक्रवार को यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप में परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने श्रीमद् भागवत ज्ञान कथा का श्रवण किया। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। जिससे श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं। (रिपोर्ट-मनोज पाण्डेय)
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