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रेलवे की अनुमति नहीं मिलने से लटकी करोड़ों की योजना

रेलवे की अनुमति नहीं मिलने से लटकी करोड़ों की योजना

रेलवे व बिजली कंपनी के अधिकारियों की उदासीनता के कारण करोड़ों की लागत से नव निर्मित पावर सब स्टेशन से आपूर्ति शुरू होने की योजना अधर में लटकी हुई है। बिजली कंपनी ने मांझागढ़ के बलुआ टोला व थावे के जगमलवा गांव के समीप करोड़ों रुपए लगाकर पावर सब स्टेशन का निर्माण तो करा लिया। लेकिन हाई टेंशन लाइन को रेलवे से क्रासिंग नहीं मिलने के कारण अब तक आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। बिजली कंपनी के अधिकारियों की माने तो दोनों नव निर्मित पावर सब स्टेशन से आपूर्ति शुरू करने के लिए करीब छह माह पहले ही रेलवे को हाई टेंशन तार क्रासिंग करने के लिए आवेदन दिया गया था। हाई टेंशन तार को क्रासिंग करने को लेकर बिजली कंपनी के अधिकारी रेलवे अधिकारियों की सभी शर्तों को पूरा भी कर लिया है। उसके बाद भी विभाग की अनुमति नहीं मिलने से योजना अधर में लटकी हुई है। गौरतलब हो कि मांझागढ़ व थावे में पावर सब स्टेशन के निर्माण के लिए राजनीतिक दलों से लेकर आम लोगों तक कई बार हंगामा, प्रदर्शन व बिजली कंपनी के खिलाफ नारेबाजी कर चुके हैं। काफी हो -हल्ला के बाद से बिजली कंपनी ने इन दोनों प्रखंड में पावर सब स्टेशन का निर्माण कराया है। लेकिन इन नव निर्मित पावर सब स्टेशन से अब तक बिजली की आपूर्ति नहीं होने के कारण अब उपभोक्ताओं का आक्रोश बिजली कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ बढ़ता जा रहा है। शहर के कमलाराय कॉलेज के समीप होना है क्रासिंग मांझागढ़ प्रखंड के बलुआ टोला व थावे प्रखंड के जगमलवा गांव के समीन नव निर्मित पावर सब स्टेशन से आपूर्ति शुरू करने के लिए 33 हजार केवीए मेन लाइन को शहर के कमला राय कॉलेज के समीप रेलवे क्रासिंग कराना है। बिजली कंपनी ने आपूर्ति शुरू करने के लिए रेलवे क्रासिंग तक तार-पोल व अन्य बिजली उपकरण को पहुंचा भी दिया है। रेलवे क्रासिंग की अनुमति नहीं मिलने के कारण बिजली कंपनी के अधिकारी भी इन नव निर्मित पावर सब स्टेशन को शुरू करने में अपनी अक्षमता बता रहे हैं। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार रेलवे से अनुमति मिलने के साथ ही दोनों पावर सब स्टेशन से बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। दो प्रखंडों के हजारों उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा लाभ मांझागढ़ प्रखंड के बलुआ टोला व थावे प्रखंड के जगमलवा गांव के समीप नव निर्मित पावर सब स्टेशन से आपूर्ति नहीं मिलने के कारण दो प्रखंडों के हजारों उपभोक्ताओं को आज भी बिजली की बेहतर सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है। मांझागढ़ व थावे प्रखंडों को मीरगंज पावर सब स्टेशन से बिजली की आपूर्ति की जाती है। काफी लंबा रूट होने के कारण क्षेत्र में अधिक समय बिजली गायब ही रहती है। तार गिरना, फ्यूज उड़ना, पोल क्षतिग्रस्त होना इस रूट के लिए रोजनामचा बनी हुई है। अधिकारी का कहना है मांझागढ़ व थावे पावर सब स्टेशन से आपूर्ति शुरू करने के लिए करीब छह माह पहले रेलवे के वरीय अधिकारियों से रेलवे क्रासिंग की अनुमति मांगी गई थी। इसके अलावे कंपनी ने रेलवे क्रासिंग की सभी शर्तों को मान भी लिया है। लेकिन रेलवे के अधिकारियों ने अब तक हाई टेंशन तार को रेलवे क्रासिंग करने की अनुमति नहीं दी है। अनुमति मिलने के साथ ही दोनों पावर सब स्टेशन से आपूर्ति शुरू कर दी जायेगी। प्रदीप कुमार, कार्यपालक अभियंता, प्रोजेक्ट

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  • Web Title:relwe se anumati nahi milne se adhar me latki karoro ki yojna