Hindi NewsBihar NewsGopalganj NewsOver 10 000 Devotees Celebrate Maha Saptami at Nakto Bhawani Temple
देवीगंज के नकटो भवानी मंदिर में मत्था टेकने के लिए उमड़े श्रद्धालु

देवीगंज के नकटो भवानी मंदिर में मत्था टेकने के लिए उमड़े श्रद्धालु

संक्षेप:

मान्यता है कि भक्तों की मुराद पूरी करती है मां नकटो भवानीगाते श्रद्धालुओं का उमड़ा कुंभ, मां की भक्ति व समर्पण में दमकते व चमकते सुर्ख चेहरे और सभी में मां के चरणों में शीश नवाने की प्रबल उत्कंठा। कुछ...

Oct 09, 2024 11:25 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गोपालगंज
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मान्यता है कि भक्तों की मुराद पूरी करती है मां नकटो भवानी महासप्तमी को 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने की मां की अर्चना बरौली, एक संवाददाता। जय मां देवीगंज वाली व जय नकटो भवानी के जयकारे लगाते श्रद्धालुओं का उमड़ा कुंभ, मां की भक्ति व समर्पण में दमकते व चमकते सुर्ख चेहरे और सभी में मां के चरणों में शीश नवाने की प्रबल उत्कंठा। कुछ ऐसा ही दृश्य था बुधवार को महासप्तमी पर प्रखंड की बेलसंड पंचायत स्थित देवीगंज दुर्गा मंदिर परिसर में। हर ओर से मां की भक्तों का जत्था पहुंच रहा था। हर्षध्वनि से पूरा वातावरण देवीमय दिख रहा था। हाथ में फूल, अड़हुल की माला, नारियल व चुनरी लिए दर्शन को कतार में घंटों खड़े श्रद्धालुओं को खुद का भान तक नहीं था। बच्चे से लेकर बुजुर्ग व युवती से लेकर वृद्धा तक सभी को लगन लगी थी तो केवल मां की अर्चना की। अहले सुबह की पूजा के बाद श्रद्धालुओं के लिए मां के पट खुलते ही लंबी कतार लग गई। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मां की पूजा व दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई। कभी-कभी इतनी अधिक भीड़ हो जा रही थी, मानो कहीं तिल रखने की जगह नहीं बची हो। ऐसी मान्यता है कि मां नकटो भवानी के दरबार में भक्तों की हर मुरादें पूरी होती हैं। सदियों से चली आ रही पूजन की परंपरा और लोगों की आस्था आज भी कायम है। जामो की सुनीता देवी ने बताया कि मां का दरबार दिव्य व जागृत है। यहां जब भी आती हूं तो सुकून मिलता है। लगता है मां प्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद दे रही हैं। लधी गांव की अंशु देवी ने बताया कि मां की आराधना कर असीम शांति महसूस हो रही है। लगता है सभी दुख दर्द मिट गए हैं। मंदिर के पुजारी ने बताया कि मां नकटो भवानी की महिमा अपरंपार है। उनके दर्शन मात्र से सभी दुख, शोक व रोग मिट जाते हैं। चेतना विकसित होती है। सुख व समृद्धि आती है। एक अनुमान के अनुसार महासप्तमी को 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां की पूजा अर्चना की।

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