
शहर में खुले नाले बने खतरा और गंदगी का सबब
- कई गलियों व मोहल्लों में नालों पर नहीं है स्लैब,बाइक व साइकिल सवार सहित बच्चे गिरकर होते हैं जख्मी
गोपालगंज, हिन्दुस्तान संवाददाता। शहर के कई मोहल्लों में खुले नाले खतरा व गंदगी का सबब बन गए हैं। कई गलियों व मोहल्लों में नगर परिषद द्वारा बनाए गए नालों पर स्लैब नहीं है। जिससे बाइक व साइकिल सवार गिरते हैं और जख्मी भी होते हैं। साथ ही घर से बाहर खेलते बच्चे और स्कूल आते-जाते बच्चे में खुले नालों में गिरकर चोटिल होते हैं। इसके अलावा नालों के खुला रहने से तेज दुर्गंध व गंदगी फैलती है। तेज दुर्गंध के कारण आसपास के घरों में मौजूद लोगों सहित राहगीरों का सांस लेना मुश्किल हो जाता है। मोहल्लों के लोग दुर्गंध से बचने के लिए अपने घर के दरवाजे व खिड़कियां बंद कर रहने को मजबूर हैं।
वहीं खुले नालों से फैल रही गंदगी से मच्छर पनप रहे हैं। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से मलेरिया व डेंगू से लोग ग्रसित हो रहे हैं। शहर के जंगलिया, खजुरिया वार्ड नंबर 25, अधिवक्ता नगर , राजीव नगर व मालवीय नगर आदि मोहल्लों में खुले नाले की समस्या है। ------------------ नाला बनने के कुछ दिन बाद ही टूट जाते हैं स्लैब शहर के गलियों व मोहल्लों में नगर परिषद की देखरेख में ही नाला का निर्माण होता है। लेकिन, अधिकांश जगहों पर नाला निर्माण होने के कुछ दिनों बाद ही उसपर रखे स्लैब टू जाते हैं। इसकी जानकारी मोहल्लेवासी संबंधित वार्ड पार्षद और नगर परिषद को देते हैं, लेकिन कोई उचित पहल नहीं होती है। उधर,शहरवासियों का कहना है कि घटिया निर्माण होने से जल्द ही नाले पर लगाए गए स्लैब टूट जाते हैं। लेकिन, उसकी मरम्मत नहीं करायी जाती है या नए स्लैब नहीं लगाए जाते हैं। इस संबंध में नगर परिषद के मुख्य पार्षद हरेन्द्र कुमार चौधरी का कहना है कि नाला के साथ ही स्लैब बनाए जाते हैं। स्लैब टूटने की जानकारी मिलने पर उचित पहल की जाती है।

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