hawan yagy ke sath bhagwat katha yagy ka samapan - हवन यज्ञ व भंडारे के साथ श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का हुआ समापन DA Image
22 नवंबर, 2019|1:52|IST

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हवन यज्ञ व भंडारे के साथ श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का हुआ समापन

स्थानीय हाई स्कूल के खेल मैदान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ हवन यज्ञ व विशाल भंडारे के साथ शुक्रवार को यज्ञ का समापन हो गया। समापन पर भारी संख्या में लोगों ने भाग हिस्सा लिया। इस मौके पर आयोजित भंडारे में दूर-दूर के गांवों के श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। इससे पूर्व हवन किया गया। इस दौरान सबसे पहले कथा वाचिका व उनके सहयोगियों ने हवन किया। उसके बाद यज्ञ में शामिल यजमानों ने हवन किया। इसके उपरांत यज्ञ में आए सैकड़ों लोगों ने आहुति डालकर सुख, समृद्धि व शांति की कामना की। कथा वाचिका आशुतोष महाराज की शिष्या भागवताचार्या सुश्री पद्महस्ता भारती ने कहा कि किसी भी यज्ञ के होने से मानव में आयी विकृतियां अपने आप दूर हो जाती है। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के माध्यम से समाज में एकजुटता आती है। हवन करने से देवता प्रसन्न होकर मानव का कल्याण करते हैं। भारती ने कहा कि गुरु का नाम जपने मात्र से ही तमाम पापों का नाश हो जाता है। अगर भक्त अपने गुरु की पूजा सच्चे मन से करें तो उनका उद्धार हो जाता है। वहीं स्वामी यादवेंद्रानंद ने कहा कि माया ही संसार की रचना करती है व व्यक्ति को उसके श्रोत अर्थात ब्रह्म के प्रति अज्ञानी बना देती है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति जन्म लेता है तो वह अपने नाम रूप के कारण स्वयं को ईश्वर का अंश नहीं मानता है, बल्कि उसे अपने वाह्य रूप का अभिमान हो जाता है। वह अपना एक व्यक्तित्व रच लेता है। उसकी सोच सीमित हो जाती है। सत्य का ज्ञान हो जाने पर व्यक्तित्व का विनाश हो जाता है। तब व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि सृष्टि के पूर्व, वर्तमान व भविष्य में केवल उन्हीं का अस्तित्व विद्यमान रहता है। ईश्वर सतरूप होते हुए भी सत्य से परे हैं। मौके पर दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के मीडिया प्रभारी तरुण कुमार, संजय सिंह, मैनेजर प्रसाद गुप्ता, धर्मेन्द्र जायसवाल, बालेश्वर शर्मा, परशुराम जायसवाल, जगन्नाथ बैठा, अशोक तिवारी, संतोष प्रसाद, हरेंद्र राय, डॉ.उपेन्द्र पाण्डेय, अजय पाण्डेय व अंशु तिवारी सहित हजारों की संख्या में भगवत प्रमी थे।

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