
पशुपालकों को गाय-पालन के लिए मिलेगा आठ लाख तक का अनुदान
-डेयरी फार्म संचालन के लिए उपकरण और प्रशिक्षण भी उपलब्धरोजगार युवकों व इच्छुक पशुपालकों को पशुपालन के प्रति प्रोत्साहित करना है। जिससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती...
कुचायकोट,एक संवाददाता। पशुपालन को बढ़ावा देने और ग्रामीण युवाओं व किसानों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने समग्र गव्य विकास योजना की शुरुआत की है। इसके तहत पशुपालकों को गो-पालन के लिए आठ लाख रुपए तक की अनुदान राशि दी जाएगी। योजना का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवकों व इच्छुक पशुपालकों को पशुपालन के प्रति प्रोत्साहित करना है। जिससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। योजना के माध्यम से लाभार्थियों को मवेशियों की चिकित्सा सुविधा, डेयरी फार्म संचालन के लिए आवश्यक उपकरण और प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पशुपालकों की आय के नए स्रोत खुलेंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

योजना के अनुसार अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पशुपालकों को 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। जबकि अन्य वर्ग के पशुपालकों को 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। पशु चिकित्सालय कुचायकोट की पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनामिका कुमारी के अनुसार यह सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इससे पशुपालक पशुपालन के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। ग्रामीण स्तर पर आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है। योजना के लिए है ये पात्रता आवेदक बिहार का निवासी हो आयु 18 से 50 वर्ष के बीच हो मवेशी रखने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध हो आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, पैन कार्ड, जमीन का दस्तावेज, बैंक पासबुक, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र

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