
चुनावी शोर के बीच सदर अस्पताल की बदइंतजामी से मरीज परेशान
मरीजों को देखने वाले डॉक्टरों के दो काउंटर बंद, आभा ऐप से पुर्जा लगाने में भी हो रही दिक्कत
गोपालगंज, नगर प्रतिनिधि। चुनावी शोर के बीच सदर अस्पताल की व्यवस्था बेपटरी बनी हुई है। मौसम में उतार-चढ़ाव से मरीजों की भीड़ तो रोज बढ़ रही है, लेकिन सुविधाएं नदारद हैं। सोमवार को कुल पांच कक्ष में से दो बंद रहे। सुबह से ही अस्पताल परिसर में सैकड़ों मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। इन दिनों आभा एप के माध्यम से ओपीडी पुर्जा बनवाने की प्रक्रिया से मरीज परेशान हैं। तकनीकी दिक्कतों के कारण मरीजों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्ग और महिला मरीजों के लिए यह इंतजार बेहद कठिन साबित हो रहा है। कई लोग दूर-दराज के गांवों से इलाज के लिए आते हैं, लेकिन पुर्जा बनने में ही इतना समय लग जाता है कि डॉक्टर से दिखाने का मौका नहीं मिल पाता।
रोजाना ओपीडी में आते हैं करीब 800 से 900 मरीज रोजाना करीब 800 से 900 मरीज ओपीडी में पंजीकरण करवाने पहुंच रहे हैं। जबकि सीमित संख्या में डॉक्टर और बंद काउंटरों के कारण व्यवस्था चरमराई हुई है। कई मरीज शिकायत कर रहे हैं कि पहले जहां आधे घंटे में पुर्जा मिल जाता था, अब दो से तीन घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। सदर अस्पताल में परेशानी, मरीजों की जुबानी सुबह 7 बजे से लाइन में लगी हूं, अब दोपहर होने को है लेकिन अभी तक पुर्जा नहीं बन पाया। पहले तो काउंटर से पर्ची तुरंत मिल जाती थी, अब आभा ऐप से बहुत देर लग रही है। छोटे बच्चों को साथ लेकर इतनी देर खड़ा रहना मुश्किल होता है। डॉक्टर लोग भी बहुत कम हैं, जिनसे मिलना आसान नहीं। कई बार तो बिना इलाज कराए ही वापस जाना पड़ता है। नगमा परवीन, जगमलवा गांव से बस पकड़कर आए हैं। सुबह 9 बजे से यहां बैठे हैं लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया। दो काउंटर बंद हैं और जो खुले हैं वहां भी भीड़ इतनी कि सांस लेना मुश्किल। आभा ऐप से पुर्जा बनवाने में तो जैसे सबकी परीक्षा ली जा रही है। बुजुर्ग लोग लाइन में खड़े नहीं रह पाते। हमें तो लगता है कि पुराने सिस्टम में ही सुविधा थी। अब नई तकनीक ने और मुश्किल बढ़ा दी है। दुर्गेश कुमार, मोहम्मदपुर रोजाना सैकड़ों मरीज आते हैं लेकिन डॉक्टर और काउंटर की संख्या नहीं बढ़ाई जाती है। दो काउंटर बंद हैं, जिस कारण भीड़ बढ़ रही है। मैं खुद सुबह 8 बजे आया था। अब दोपहर हो गई, लेकिन डॉक्टर से मिलना बाकी है। जो लोग दूर गांवों से आते हैं, उन्हें शाम तक लौटना मुश्किल हो जाता है। अस्पताल प्रशासन को चाहिए कि स्टाफ की संख्या बढ़ाए और आभा ऐप की प्रक्रिया को तेज करे ताकि मरीजों को राहत मिले। संतोष कुमार, थावे सदर अस्पताल जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, लेकिन यहां की स्थिति देखकर अफसोस होता है। मरीजों की भीड़, बंद काउंटर और धीमी एप प्रक्रिया सब मिलकर अव्यवस्था पैदा कर रहे हैं। गरीब आदमी इलाज कराने आता है और दिनभर लाइन में खड़ा रह जाता है। प्रशासन को इसकी निगरानी करनी चाहिए और हर काउंटर को चालू रखना चाहिए ताकि लोग बिना परेशानी इलाज करवा सकें। अमीर आलम, कबिलासपुर मुख्य समस्याएं 5 में से 2 काउंटर बंद, शेष 3 पर भारी भीड़ आभा ऐप से पुर्जा बनवाने में घंटों की देरी रोजाना 800-900 मरीजों का ओपीडी में आगमन ग्रामीण मरीजों को समय पर घर लौटने की चिंता डॉक्टरों की कमी से इलाज की गति धीमी मरीजों की मांग सभी बंद काउंटर तुरंत चालू किए जाएं आभा ऐप की प्रक्रिया को सरल व तेज बनाया जाए अतिरिक्त डॉक्टरों व स्टाफ की तैनाती हो प्रतीक्षारत मरीजों के लिए बैठने और पीने के पानी की सुविधा बढ़ाई जाए

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