लू और अगलगी से बचाव के लिए प्रशासन ने बनायी कार्ययोजना
कलेक्ट्रेट में डीएम ने जिले में बढ़ते तापमान,लू और अगलगी की घटनाओं की रोकथाम को लेकर की अधिकारियों के साथ बैठक कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में बुधवार को जिले में बढ़ते तापमान,लू और अगलगी की...

गोपालगंज, हिन्दुस्तान संवाददाता। आगामी गर्मी के मौसम में लू और अगलगी से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने विशेष कार्ययोजना बनायी है। कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में डीएम पवन कुमार सिन्हा ने बुधवार को जिले में बढ़ते तापमान,लू और अगलगी की घटनाओं की रोकथाम को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें एडीएम आपदा प्रबंधन राजेश्वरी पांडेय सहित सभी संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आपदा की स्थिति में आमजन, पशु-पक्षियों और संपत्ति की सुरक्षा के लिए सरकारी तंत्र पूरी तरह सक्रिय रहें। डीएम ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि कि सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल एवं सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लू से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष आइसोलेशन वार्ड और ‘शीतल कक्ष’ तैयार रखे जाएं।
अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस, आईवी फ्लूड, जीवन रक्षक दवाओं के साथ-साथ सांप के काटने और रेबीज के इंजेक्शन की उपलब्धता कराएं। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल के लिए विशेष चिकित्सा दल तैनात रहेंगे। -------------- निर्बाध पेयजल आपूर्ति एवं चापाकल मरम्मत: पेयजल संकट से निपटने के लिए पीएचईडी और नगर निकायों को निर्देश दिया गया कि खराब चापाकलों की मरम्मत ‘युद्ध स्तर’ पर की जाए। हर अंचल स्तर पर एक विशेष दल का गठन होगा जो सूचना मिलते ही चापाकल ठीक करेगा। कम जलस्तर वाले क्षेत्रों में मानकों के अनुसार टैंकरों से पानी भेजा जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर ‘प्याऊ’ की व्यवस्था और लू से बचाव के लिए ‘कलर कोडिंग’ युक्त सूचना बोर्ड लगाए जाएं। ---------------- अगलगी पर नियंत्रण एवं विद्युत सुरक्षा: अगलगी की घटनाओं को रोकने के लिए बिजली कंपनी को ढीले तारों को तुरंत दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया ताकि चिंगारी से आग न लगे। अग्निशमन विभाग को सभी अंचल मुख्यालयों में पानी से भरे टैंकरों और चालकों के साथ चौबीसों घंटे तैयार रहने को कहा गया। अग्निशमन वाहनों में पानी भरने के लिए पंचायत सरकार भवनों में स्थित समरसेबल पंपों का उपयोग किया जाएगा। ------------- श्रम एवं परिवहन संचालन में बदलाव: तेज धूप से बचाव के लिए मजदूरों के कार्य समय में संशोधन किया गया है। अब श्रमिक सुबह छह बजे से लेकर 11 बजे तक और अपराह्न 03.30 बजे के बाद ही कार्य करेंगे। दोपहर 11 से 03.30 बजे तक कार्य पर पूर्ण रोक रहेगी। परिवहन विभाग को निर्देश दिया गया कि इस अवधि में सार्वजनिक वाहनों के परिचालन को नियंत्रित करें और बसों में पेयजल व ओआरएस की व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखें। ------------ जन-जागरूकता एवं ग्रामीण सहभागिता जीविका दीदियों के माध्यम से गांवों में संदेश पहुंचाया जाएगा कि लोग सुबह नौ बजे से पहले और शाम 06 बजे के बाद ही खाना बनाएं। ताकि दोपहर की हवा से आग लगने का खतरा न रहे। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों और धात्री माताओं के लिए शीतल जल और ओआरएस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। -------------- पशु-पक्षियों के लिए विशेष प्रबंध: बेजुबान पशुओं को राहत देने के लिए जिला पशुपालन पदाधिकारी को सरकारी ट्यूबवेल के पास गड्ढे खुदवाकर पानी भरवाने का निर्देश दिया गया। मनरेगा के तहत तालाबों और आहारों की खुदाई का कार्य तेज करने को कहा गया। ताकि जल संचयन हो सके और पशुओं को पानी मिल सके। डीएम ने सख्त निर्देश दिया कि कि आपदा प्रबंधन के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिले की जनता से भी अपील करते हुए कहा कि वे लू से बचाव के सरकारी निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक धूप में निकलने से बचें। (गोपालगंज से त्रिलोकीनाथ श्रीवास्तव)
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


