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गंडक नदी में छोड़ा गया 1.05 लाख क्यूसेक पानी

 गंडक नदी में छोड़ा गया 1.05 लाख क्यूसेक पानी

पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर बराज से रविवार को गंडक नदी में 1.05 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार दोपहर तक 1 लाख 4 हजार 600 क्यूसेक पानी गंडक नदी के डाउन स्ट्रीम में छोड़ा गया है। ऐसी स्थिति में जिले के छह प्रखंडों से होकर गुजरने वाली गंडक नदी की धारा इन दिनों उफान पर है। विभागीय अधिकारियों की माने तो गंडक नदी के जलस्तर में फिलहाल बुधवार तक वृद्धि जारी रहने की आशंका जताई जा रही है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता सत्येंद्र प्रसाद ने बताया कि गंडक नदी के जलस्तर में बारह सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। ऐसे में बैकुंठपुर प्रखंड के मटियारी मीटरगेज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर नीचे है। उन्होंने दावा किया कि बैकुंठपुर, बरौली, मांझागढ़ व गोपालगंज सदर प्रखंड में कहीं भी गंडक में कटाव की स्थिति नहीं है। सिधवलिया प्रखंड के टंडसपुर व कुचायकोट में कटाव की स्थिति को लेकर बाढ़ निरोधात्मक कार्य चलाया जा रहा है। उन्होंने कटाव की स्थिति को नियंत्रित बताया है। उधर, कनीय अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि गंडक नदी की धारा फिलहाल तीन दिनों तक बढ़ सकती है। वाल्मीकिनगर डैम्प से रविवार से डिस्चार्ज लेवल में भी वृद्धि हुई है। नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से बैकुंठपुर, सिधवलिया व बरौली प्रखंडों के दो दर्जन से अधिक गांव गंडक के निशाने पर हैं। हालांकि सदर अनुमंडल पदाधिकारी शैलेश कुमार दास ने बताया कि जिले में गंडक नदी की धारा पूरी तरह सामान्य है। जिले में फिलहाल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है।

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  • Web Title:gandak baraj se chora gya pani