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बिहार में बाढ़ का कहर: गोपालगंज में सारण मुख्य तटबंध टूटा, कई गांव डूबे

बैकुंठपुर में मुख्य सारण बांध बह गया

1 / 2बैकुंठपुर में मुख्य सारण बांध बह गया

Gopalganj flood

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उत्तर और पूर्वी बिहार में बाढ़ का कहर थम नहीं रहा है। गुरुवार को गोपालगंज के बैकुंठपुर प्रखंड के बंगरा गांव के समीप सारण मुख्य तटबंध गुरुवार की शाम करीब 50 फुट में टूट गया। इससे दर्जनों गांवों में अफरातफरी मच गई। 

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वहीं, पूर्णिया, कटिहार और मधेपुरा के कई नए इलाकों में पानी आने से लोगों में दहशत फैल गई। समस्तीपुर जिले में भी पानी घुस गया है। बुधवार रात को मोतिहारी शहर को भी बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया है। उधर मधुबनी में कोसी, कमला, धौस नदी के साथ अब गेहुमां नदी भी उफना गई है। इससे जिले में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है। सूबे में पिछले 24 घंटे में बाढ़ के कारण 44 लोगों की मौत हो गई।

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गोपालगंज के बैकुंठपुर में तटबंध के टूटने से मड़वा, हमीदपुर, कर्मशीला, बखरी सहित कई गांव कुछ ही देर में जलमग्न हो गए। बाढ़ के पानी में करीब दो हजार से अधिक लोग फंसे हुए हैं। एनडीआरएफ की टीम ने शाम पांच बजे के बाद पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने से हाथ खड़ा कर दिया। गोपालगंज के सदौवा में गंडक नदी का मुख्य तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी बरौली व सिधवलिया प्रखंडों के करीब 20 गांवों में प्रवेश कर गया है। बरौली में एनएच 28 पर पानी चढ़ जाने से आवागमन ठप हो गया है। जिले के 174 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।

उधर, मधेपुरा में सर्वाधिक प्रभावित आलमनगर और चौसा प्रखंड के अलावा और छह प्रखंड चपेट में आ गए। जिले में भलुआही के पास एनएच 106 की सड़क करीब 25 फीट कट जाने से यातायात ठप हो गया है। कटिहार के नए इलाकों में सदर प्रखंड के भसना, मनसाही और कोढ़ा प्रखंड के कुछ हिस्सों में भी पानी फैलने लगा है। वहीं पूर्णिया जिले में बायसी अनुमंडल के बाद अब पानी बनमनखी और धमदाहा अनुमंडल क्षेत्र में बढ़ रहा है। बनमनखी प्रखंड की 10 पंचायत बाढ़ की चपेट में आ गई है। वहां एनएच 107 पर गुरुवार से वाहनों का परिचालन भी बाधित हो गया है।

मोतिहारी शहर के 11 वार्डों में भी पानी प्रवेश कर गया है। मोतिहारी-छौड़ादानो पथ में लखौरा के आगे सड़क पर तीन से चार फुट पानी बहने से आवागमन ठप है। मधुबनी से सीतामढ़ी का सड़क संपर्क अभी तक बाधित है। समस्तीपुर के दरभंगा जिले से सटे इलाकों में भी पानी घुस गया। जिले के हसनपुर, बिथान, सिंघिया और चकमहेशी के कई गांवों में बागमती और बलान नदी का पानी घुस गया है। जिले के मोहनपुर प्रखंड में गंगा खतरे के निशान को छूने के करीब है।         
राहत नहीं पहुंचने से लोगों में आक्रोश

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत नहीं पहुंचने के कारण लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को नाराज लोगों ने किशनगंज के फरिंगगोला में एनएच 31 और सुपौल के मरौना और नरपतगंज में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। पूर्णिया के जियनगंज के समीप पीड़ितों ने राहत सामग्री नहीं मिलने पर घंटों सड़क जाम किया।

गोपालगंज के पौने दो सौ गांवों की साढ़े तीन लाख की आबादी बाढ़ से घिरी

जिले में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई है। सदौवा में गंडक नदी का मुख्य तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी बरौली व सिधवलिया प्रखंडों के करीब बीस गांवों में प्रवेश कर गया है। अब तक जिले के छह प्रखंडों के एक सौ चौहत्तर गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। बाढ़ से जिले के कुचायकोट,बैकुंठपुर,गोपालगंज,सिधवलिया,मांझा व बरौली प्रखंड प्रभावित हुए हैं। 

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गंडक नदी का सदौवा में मुख्य तटबंध सहित परसौनी में रिंग बांध व बैकुंठपुर के शीतलपुर,फैजुल्लाहपुर व पकहां  में जमींदारी बांध के टूटने से करीब पंद्रह हजार घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ का पानी बरौली में एनएच 28 पर चढ़ जाने से सड़क पर आवागमन ठप हो गया है। जिला प्रशासन ने सड़क पर करीब चार फुट तक पानी बहने के बाद आवागमन पर पाबंदी लगा दी है। सड़क पर बाढ़ का पानी चढ़ जाने से यूपी व सारण का उत्तर बिहार के शेष जिलों से सड़क संपर्क कट गया है। एनएच पर हजारों वाहन व यात्री फंसे हुए हैं।  

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डीएम राहुल कुमार ने बताया कि  बाढ़ से जिले के 47 पंचायतों  के 174 गांव प्रभावित हुए हैं। वहीं करीब साढ़े तीन लाख की आबादी बाढ़ की चपेट में है। बाढ़ में डूबकर अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि  बाढ़ग्रस्त इलाके में एक सौ तीस नावें चलाई जा रही है। बाढ़ ग्रस्त इलाके में राहत व बचाव कार्य के लिए 17 मोटर वोट भी लगाए गए हैं। करीब 72 सौ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ पीड़ितों के जिले भर में 21 सहायक केन्द्र खोले गए हैं। कैंप में करीब 62  सौ लोग रह रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों के इलाज के लिए 20 कैंप खोले गए हैं जबकि पशुओं के इलाज के लिए पांच केन्द्र खोले गए हैं। बाढ़पीड़ितों के बीच 420 क्विंटल चूड़ा, 5 क्विंटल गुड़ के अलावे दिया सलाई के 21 हजार पैकेट बांटे गए हैं। विस्थापितों के 64  सौ पॉलीथिन शीट वितरित किए  गए हैं। एनडीआरएफ व एसडी आरएफ की कुल सात टीमों को राहत व बचाव कार्य में लगाया गया है। 
 
 

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