जिले में प्रतिदिन करीब 3.15 लाख लीटर डीजल-पेट्रोल की हो रही खपत
गोपालगंज में ऊर्जा संकट के बावजूद प्रतिदिन करीब 3.15 लाख लीटर डीजल-पेट्रोल की बिक्री हो रही है। सरकार की अपील के बाद मांग में 10-15 प्रतिशत कमी आई है। तेल कंपनियां नकद भुगतान पर डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति कर रही हैं। सीएनजी की आपूर्ति में कमी से चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गोपालगंज। मध्य पूर्व एशिया में जंग से उत्पन्न ऊर्जा संकट और केंद्र सरकार की ओर से डीजल-पेट्रोल की खपत कम करने की अपील के बावजूद जिले में प्रतिदिन करीब 3.15 लाख लीटर डीजल-पेट्रोल की बिक्री हो रही है।
सरकारी अपील और मांग में कमी
हालांकि 15 दिन पहले तक जिले में संचालित 95 पेट्रोल पंपों के लिए प्रतिदिन करीब 5.50 लाख लीटर डीजल-पेट्रोल की मांग थी। सरकार की अपील के बाद फिलहाल मांग में 10 से 15 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। इधर, तेल कंपनियां फिलहाल पहले की तरह ही डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति कर रही हैं। जिले में भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 95 पंपों के माध्यम से आम लोगों को आसानी से ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है।
पंप संचालकों की स्थिति
पंप संचालकों का कहना है कि कंपनियां फिलहाल नकद भुगतान पर ही मांग के अनुसार डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति कर रही हैं। क्रेडिट पर आपूर्ति फिलहाल बंद कर दी गई है। इसके चलते जिले में करीब पांच पेट्रोल पंपों का संचालन प्रभावित है। हालांकि तेल कंपनियों की ओर से आपूर्ति अब तक सामान्य बताई जा रही है। मांग के अनुसार मिल रहा डीजल-पेट्रोल जिले में संचालित विभिन्न कंपनियों के सभी पेट्रोल पंपों से अब तक वाहनों में मांग के अनुसार डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति की जा रही है।
सीएनजी की आपूर्ति में समस्या
पंप संचालकों का कहना है कि ऊर्जा संकट के बावजूद किसी भी पंप पर तेल देने की मात्रा सीमित नहीं की गई है। फिलहाल प्रत्येक पेट्रोल पंप पर प्रतिदिन तीन हजार से 35 सौ लीटर तक डीजल-पेट्रोल की खपत हो रही है। बुधवार को एनएच-27 के भठवा, गोपालगंज, सासामूसा, भड़कुइया, बढ़ेया, सोनबरसा, बरहिमा और महम्मदपुर मोड़ सहित सभी पंपों पर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य रही। सीएनजी को लेकर हो रही मारामारी कई पंप संचालकों के अनुसार डिमांड के बावजूद जिले में पिछले 15 दिनों से सीएनजी की आपूर्ति मांग के अनुरूप नहीं हो रही है। इससे सीएनजी चालित वाहनों के चालकों को शहर और ग्रामीण इलाकों के पंपों पर घंटों लाइन लगानी पड़ रही है। एनएच-27 के भठवा, एसपी कोठी, सोनबरसा और महम्मदपुर ओवरब्रिज के समीप सीएनजी पंप स्थापित हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी सीएनजी पंप संचालित हैं। लेकिन कंपनियों से पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने के कारण सीएनजी के लिए प्रतिदिन पंपों पर मारामारी जैसी स्थिति बनी हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Manish Kumarशॉर्ट बायो: मनीष कुमार पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। जनवरी, 2025 से दैनिक ‘हिन्दुस्तान’ में गोपालगंज जिला ब्यूरो की टीम से जुड़े हैं।
परिचय एवं अनुभव
ग्राउंड रिपोर्टिंग, खोजी पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर स्टोरी करते रहे हैं। करीब 18 वर्षों के कॅरियर में हरिभूमि, अमर उजाला, प्रभात खबर और दैनिक भास्कर जैसे समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। लगभग तीन माह तक एक न्यूज चैनल में भी कार्य। वर्तमान में ‘बोले गोपालगंज’ की रिपोर्टिंग की जिम्मेवारी है। मनीष को डिजिटल पत्रकारिता का भी अनुभव है।
करियर का सफर
कॅरियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की, जहां जमीनी मुद्दों, सामाजिक समस्याओं और प्रशासनिक गतिविधियों पर प्रभावशाली रिपोर्टिंग की। करीब ढाई साल की रिपोर्टिंग के बाद लगातार 15 साल तक डेस्क पर काम किया। अगस्त 2021 तक दैनिक भास्कर, पटना में रहे। इसके बाद “इनसाइड न्यूज” नाम से अपना यूट्यूब न्यूज चैनल शुरू किया। यह चैनल मात्र पांच महीने में मोनेटाइज हो गया, जो कंटेंट स्ट्रेटजी और डिजिटल समझ को दर्शाता है। जनवरी 2025 से दैनिक हिन्दुस्तान के साथ जुड़कर गोपालगंज में सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से स्नातक की शिक्षा प्राप्त करने के बाद प्रिंट जर्नलिज्म इन हिन्दी में पोस्ट ग्रेजुएट इन डिप्लोमा के बाद मास्टर इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की।
शिक्षा एवं प्रशिक्षण में योगदान
पत्रकारिता के साथ-साथ विशेष रुचि शिक्षा के क्षेत्र में रही है। अबेकस, वैदिक मैथ, फोनिक्स के टीचर ट्रेनर के रूप में कार्य किया है। इसके अलावा DMIT (Dermatoglyphics Multiple Intelligence Test) की सहायता से कॅरियर काउंसिलिंग करते हैं। मशरूम पालन और हाईड्रोपोनिक्स विधि से खेती की तकनीक भी सीखी है। हर साल कुछ न कुछ नया सीखना इनकी हॉबी है। फिलहाल निमोनिक्स साइंस की ट्रेनिंग ले रहे हैं।
पत्रकारिता दृष्टिकोण और विजन
पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज को तथ्यपरक, निष्पक्ष और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना है। रिपोर्टिंग शैली जमीनी हकीकत, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता देने पर आधारित है। गोपालगंज में रहते हुए जनसरोकार से जुड़े विषयों पर गंभीर और जिम्मेदार पत्रकारिता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बोले गोपालगंज की टीम का नेतृत्व करते हुए कई सामाजिक एवं स्थानीय समस्याओं का निदान कराया है।
विशेषज्ञता
ग्रामीण एवं जिला स्तरीय रिपोर्टिंग
सामाजिक एवं प्रशासनिक मुद्दे
खोजी पत्रकारिता
शिक्षा एवं कॅरियर मार्गदर्शन
डिजिटल मीडिया और यूट्यूब न्यूज प्लेटफॉर्म संचालन
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