विकास की कीमत पर हरियाली की बलि, तीन महीने में 10 हजार पेड़ साफ

Manish Kumar हिन्दुस्तान, गोपालगंज
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गोपालगंज। पर्यावरण संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर लगाए गए हरे और छायादार पेड़ों की बड़े पैमाने पर कटाई जिले में चिंता का विषय बन गई है।

विकास की कीमत पर हरियाली की बलि, तीन महीने में 10 हजार पेड़ साफ

गोपालगंज। पर्यावरण संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर लगाए गए हरे और छायादार पेड़ों की बड़े पैमाने पर कटाई जिले में चिंता का विषय बन गई है।

पर्यावरणीय प्रभाव

नहरों की सफाई और सड़कों के चौड़ीकरण के नाम पर पिछले तीन महीनों में 10 हजार से अधिक हरे पेड़ काट दिए गए हैं।

वन्यजीव एवं पर्यावरणीय प्रभाव

विभागीय सूत्रों का मानना है कि जारी परियोजनाओं को देखते हुए आने वाले महीनों में यह संख्या दोगुनी से भी अधिक हो सकती है।

पेड़ कटना और पर्यावरण

जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए हर वर्ष बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराया जाता है।

जलवायु परिवर्तन का खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि हरित आवरण में कमी के कारण जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।

<h2>महत्वपूर्ण प्रश्न</h2>

कितने पेड़ इस मुहिम के तहत कटाए गए हैं?
अधिकांश पेड़ फलदार और छायादार थे, जिन्हें पांच वर्ष पूर्व मनरेगा और वन विभाग की योजनाओं के तहत लगाया गया था।

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Manish Kumar

लेखक के बारे में

Manish Kumar

शॉर्ट बायो: मनीष कुमार पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। जनवरी, 2025 से दैनिक ‘हिन्दुस्तान’ में गोपालगंज जिला ब्यूरो की टीम से जुड़े हैं।


परिचय एवं अनुभव
ग्राउंड रिपोर्टिंग, खोजी पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर स्टोरी करते रहे हैं। करीब 18 वर्षों के कॅरियर में हरिभूमि, अमर उजाला, प्रभात खबर और दैनिक भास्कर जैसे समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। लगभग तीन माह तक एक न्यूज चैनल में भी कार्य। वर्तमान में ‘बोले गोपालगंज’ की रिपोर्टिंग की जिम्मेवारी है। मनीष को डिजिटल पत्रकारिता का भी अनुभव है।


करियर का सफर
कॅरियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की, जहां जमीनी मुद्दों, सामाजिक समस्याओं और प्रशासनिक गतिविधियों पर प्रभावशाली रिपोर्टिंग की। करीब ढाई साल की रिपोर्टिंग के बाद लगातार 15 साल तक डेस्क पर काम किया। अगस्त 2021 तक दैनिक भास्कर, पटना में रहे। इसके बाद “इनसाइड न्यूज” नाम से अपना यूट्यूब न्यूज चैनल शुरू किया। यह चैनल मात्र पांच महीने में मोनेटाइज हो गया, जो कंटेंट स्ट्रेटजी और डिजिटल समझ को दर्शाता है। जनवरी 2025 से दैनिक हिन्दुस्तान के साथ जुड़कर गोपालगंज में सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से स्नातक की शिक्षा प्राप्त करने के बाद प्रिंट जर्नलिज्म इन हिन्दी में पोस्ट ग्रेजुएट इन डिप्लोमा के बाद मास्टर इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की।


शिक्षा एवं प्रशिक्षण में योगदान
पत्रकारिता के साथ-साथ विशेष रुचि शिक्षा के क्षेत्र में रही है। अबेकस, वैदिक मैथ, फोनिक्स के टीचर ट्रेनर के रूप में कार्य किया है। इसके अलावा DMIT (Dermatoglyphics Multiple Intelligence Test) की सहायता से कॅरियर काउंसिलिंग करते हैं। मशरूम पालन और हाईड्रोपोनिक्स विधि से खेती की तकनीक भी सीखी है। हर साल कुछ न कुछ नया सीखना इनकी हॉबी है। फिलहाल निमोनिक्स साइंस की ट्रेनिंग ले रहे हैं।


पत्रकारिता दृष्टिकोण और विजन
पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज को तथ्यपरक, निष्पक्ष और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना है। रिपोर्टिंग शैली जमीनी हकीकत, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता देने पर आधारित है। गोपालगंज में रहते हुए जनसरोकार से जुड़े विषयों पर गंभीर और जिम्मेदार पत्रकारिता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बोले गोपालगंज की टीम का नेतृत्व करते हुए कई सामाजिक एवं स्थानीय समस्याओं का निदान कराया है।


विशेषज्ञता
ग्रामीण एवं जिला स्तरीय रिपोर्टिंग
सामाजिक एवं प्रशासनिक मुद्दे
खोजी पत्रकारिता
शिक्षा एवं कॅरियर मार्गदर्शन
डिजिटल मीडिया और यूट्यूब न्यूज प्लेटफॉर्म संचालन

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