संसाधनों व सुविधाओं की कमी से जूझ रहे जिले के सीएचसी

Jan 29, 2026 10:39 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गोपालगंज
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- जिले के प्रखंडों में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नहीं हैं विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर - किसी भी सीएचसी में फिजियोथेरेपी और अल्ट्रासाउंड जांच की नहीं है सुविधा,रोगी होते हैं परेशान

 संसाधनों व सुविधाओं की कमी से जूझ रहे जिले के सीएचसी

गोपालगंज, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले के विभिन्न प्रखंड मुख्यालयों में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जरूरी संसाधनों,सुविधाओं और डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे। जिससे रोगियों व उनके परिजनों को परेशानी हो रही है। अपने प्रखंड के सीएचसी में उचित इलाज नहीं होने और सुविधाएं नहीं मिलने से उन्हें मजबूर होकर जिला अस्पताल या निजी क्लीनिकों में जाना पड़ रहा है। इससे गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से परेशानी हो रही है। साथ ही कई बार समय पर इलाज नहीं होने से रोगियों को हानि पहुंच रही है। जिला प्रशासन की एक रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 12 सीएचसी संचालित हैं। इन सभी के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक के तौर पर मेडिसीन के एक,सर्जनी के लिए दो, स्त्री रोग के लिए दो , शिशु रोग के लिए तीन, निश्चेतक एक, हड्डी रोग के लिए चार डॉक्टर उपलब्ध हैं।

जबकि, फिजियोथेरेपिस्ट, आंख-कान-गला रोग के एक भी डॉक्टर नहीं हैं। हाल यह है कि एक ही डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति दो या तीन अस्पतालों में की गयी है। ----------------------- जरूरी संसाधन व जांच की नहीं है व्यवस्था जिले के सभी सीएचसी में एक्स-रे, ईसीसी, नेत्र, एनबीसीसी व पैथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध है। लेकिन, कहीं भी फिजियोथेरेपी व अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा नहीं है। इसके अलावा अन्य जांच आदि की सुविधा भी नहीं है। जांच की सुविधाओं की कमी से रोगियों को निजी लैब में जाना पड़ता है। जहां उन्हें काफी रुपए खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में गरीब परिवारों के रोगियों को परेशानी होती है। इसके अलावा जिले के किसी भी सीएचसी में दो शय्या की गहन चिकित्सा इकाई क्रियाशील नहीं है। जबकि, महज दो सीएचसी में रक्त भंडारण इकाई कार्यरत है।

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