मॉडल स्कूलों से बदलेगी बिहार की शिक्षा व्यवस्था : मिथिलेश तिवारी
बैकुंठपुर में बिहार सरकार ने मॉडल स्कूलों की स्थापना का ऐलान किया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि इन विद्यालयों से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा मिलेगी। मॉडल विद्यालयों का उद्देश्य शैक्षणिक असमानता को कम करना और सभी को समान अवसर प्रदान करना है।

बैकुंठपुर। बिहार में स्थापित किए जा रहे मॉडल स्कूल शिक्षा व्यवस्था में नए युग की शुरुआत करेंगे। इन विद्यालयों के माध्यम से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध होगी तथा सरकारी स्कूलों के प्रति उनका रुझान बढ़ेगा। यह बातें बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शनिवार को जारी एक प्रेस बयान में कहीं।
शिक्षा मंत्री का बयान
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में मॉडल विद्यालयों की स्थापना की जा रही है, जो विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मॉडल विद्यालय केवल बेहतर भवनों तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि यहां स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, डिजिटल शिक्षण संसाधन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मॉडल विद्यालयों का उद्देश्य
इन विद्यालयों का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक असमानता को कम करते हुए सभी को समान अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार और नवाचार के लिए प्रतिबद्ध है। मॉडल विद्यालय विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान, कौशल और प्रतिस्पर्धी क्षमताओं से सुसज्जित कर राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे।
सरकार का लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। मॉडल स्कूल उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था के केंद्र बनेंगे और राज्य के अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में मॉडल स्कूलों की अवधारणा बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक और दूरगामी बदलाव लाएगी तथा राज्य को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि मॉडल स्कूलों के माध्यम से ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित की जा रही है, जहां प्रत्येक बच्चे को बेहतर अवसर, बेहतर संसाधन और उज्ज्वल भविष्य मिल सके। (रिपोर्ट-मनोज पाण्डेय)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Manish Kumarशॉर्ट बायो: मनीष कुमार पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। जनवरी, 2025 से दैनिक ‘हिन्दुस्तान’ में गोपालगंज जिला ब्यूरो की टीम से जुड़े हैं।
परिचय एवं अनुभव
ग्राउंड रिपोर्टिंग, खोजी पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर स्टोरी करते रहे हैं। करीब 18 वर्षों के कॅरियर में हरिभूमि, अमर उजाला, प्रभात खबर और दैनिक भास्कर जैसे समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। लगभग तीन माह तक एक न्यूज चैनल में भी कार्य। वर्तमान में ‘बोले गोपालगंज’ की रिपोर्टिंग की जिम्मेवारी है। मनीष को डिजिटल पत्रकारिता का भी अनुभव है।
करियर का सफर
कॅरियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की, जहां जमीनी मुद्दों, सामाजिक समस्याओं और प्रशासनिक गतिविधियों पर प्रभावशाली रिपोर्टिंग की। करीब ढाई साल की रिपोर्टिंग के बाद लगातार 15 साल तक डेस्क पर काम किया। अगस्त 2021 तक दैनिक भास्कर, पटना में रहे। इसके बाद “इनसाइड न्यूज” नाम से अपना यूट्यूब न्यूज चैनल शुरू किया। यह चैनल मात्र पांच महीने में मोनेटाइज हो गया, जो कंटेंट स्ट्रेटजी और डिजिटल समझ को दर्शाता है। जनवरी 2025 से दैनिक हिन्दुस्तान के साथ जुड़कर गोपालगंज में सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से स्नातक की शिक्षा प्राप्त करने के बाद प्रिंट जर्नलिज्म इन हिन्दी में पोस्ट ग्रेजुएट इन डिप्लोमा के बाद मास्टर इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की।
शिक्षा एवं प्रशिक्षण में योगदान
पत्रकारिता के साथ-साथ विशेष रुचि शिक्षा के क्षेत्र में रही है। अबेकस, वैदिक मैथ, फोनिक्स के टीचर ट्रेनर के रूप में कार्य किया है। इसके अलावा DMIT (Dermatoglyphics Multiple Intelligence Test) की सहायता से कॅरियर काउंसिलिंग करते हैं। मशरूम पालन और हाईड्रोपोनिक्स विधि से खेती की तकनीक भी सीखी है। हर साल कुछ न कुछ नया सीखना इनकी हॉबी है। फिलहाल निमोनिक्स साइंस की ट्रेनिंग ले रहे हैं।
पत्रकारिता दृष्टिकोण और विजन
पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज को तथ्यपरक, निष्पक्ष और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना है। रिपोर्टिंग शैली जमीनी हकीकत, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता देने पर आधारित है। गोपालगंज में रहते हुए जनसरोकार से जुड़े विषयों पर गंभीर और जिम्मेदार पत्रकारिता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बोले गोपालगंज की टीम का नेतृत्व करते हुए कई सामाजिक एवं स्थानीय समस्याओं का निदान कराया है।
विशेषज्ञता
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