जलापूर्ति ठप रहने से बरौली शहरवासी खरीद कर पी रहे पानी

Newswrap हिन्दुस्तान, गोपालगंज
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बीस वार्डों में गंभीर और साधारण यांत्रिक गड़बड़ी से नहीं हो रही जलापूर्तिनल जल योजना से 25 में से 20 वार्डों में जलापूर्ति नहीं होने से नगरवासी रोज करीब डेढ़ लाख रुपए की कीमत का पानी खरीदकर पी रहे...

जलापूर्ति ठप रहने से बरौली शहरवासी खरीद कर पी रहे पानी

बरौली, एक संवाददाता। नल जल योजना से 25 में से 20 वार्डों में जलापूर्ति नहीं होने से नगरवासी रोज करीब डेढ़ लाख रुपए की कीमत का पानी खरीदकर पी रहे हैं। पानी बेचने का कारोबार बढ़ रहा है। जार का पानी वास्तव में मशीन से फिल्टर किया हुआ है या चापाकल से भरकर लाया गया है, इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं होता। अधिकांश जार या कंटेनर पर किसी प्रकार की जानकारी भी दर्ज नहीं रहती है। नगर के कुछ ही होटलों में आरओ लगा है। जबकि चाय, मिठाई व अन्य दुकानों के अलावा सरकारी व निजी कार्यालय, बैंक, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और शो-रूम में भी जार का पानी ही उपयोग होता है।

20 लीटर पानी भरे एक जार की कीमत 20 रुपए है। कारोबारियों के अनुसार नगर क्षेत्र में करीब 9550 घर हैं। जिनमें 55 हजार से अधिक लोग रहते हैं। इनमें से करीब साढ़े छह हजार परिवार रोज जार का पानी खरीदते हैं। इस आधार पर प्रतिदिन डेढ़ लाख रुपए से अधिक का जार वाला पानी बिक रहा है। आयोजनों में जार का पानी बनता है सहारा नगर के गणेश कुमार व मोहन पटेल ने बताया कि शादी, सम्मेलन, श्राद्ध से लेकर छोटे-बड़े आयोजनों में जार के पानी का ही उपयोग होता है। लग्न के मौसम, त्योहारों व अन्य बड़े कार्यक्रमों के समय इसकी मांग और बढ़ जाती है। नगर के 25 वार्डों में करीब साढ़े नौ हजार घर हैं, जिनमें से अधिकांश घरों तक रोज जार के पानी की गाड़ी पहुंचती है। 20 रुपए में एक जार मिलता है। जिसमें 20 लीटर पानी रहता है। जबकि कंटेनर में 15 लीटर पानी भरा होता है। गर्मी में बढ़ जाती है पानी की मांग गर्मी के मौसम में पानी के जार की मांग काफी बढ़ जाती है। शुद्ध और ठंडा पानी मिलने के कारण झोपड़पट्टी से लेकर चाय-पान की दुकानों तक इसकी खपत अधिक रहती है। बरसात के दिनों में इसकी मांग कुछ कम हो जाती है। नगर परिषद प्रशासन नल-जल योजना की बदहाली को लेकर बोर्ड की बैठक में चर्चा तो करता है, लेकिन इसके बाद मामला फाइलों में ही दब जाता है। जलस्तर गिरने से बढ़ती है परेशानी गर्मी के दिनों में भू-जलस्तर नीचे चला जाता है। जिससे लोगों को शुद्ध पानी के लिए अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। नगर में केवल 4 से 5 प्रतिशत घरों में ही आरओ लगा है। जार के पानी पर निर्भर परिवारों को हर माह औसतन 600 से 800 रुपए खर्च करने पड़ते हैं। नगर परिषद क्षेत्र में नौ कारोबारी नियमित रूप से जार का पानी आपूर्ति करते हैं। लेकिन इनमें से अधिकांश प्लांट नगर परिषद में पंजीकृत नहीं हैं। वर्जन नगरवासियों को शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए सभी वार्डों में निःशुल्क वाटर एटीएम चालू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। कुछ वार्डों में एटीएम चालू भी कर दिया गया है। सभी वार्डों में नल-जल योजना को दुरुस्त कराकर पानी की आपूर्ति शुरू कराई जाएगी। संजय उपाध्याय, उप मुख्य पार्षद, नगर परिषद बरौली (रिपोर्ट-देवेन्द्र नाथ उपाध्याय)

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