विधायक अमरेंद्र पाण्डेय की गिरफ्तारी पर 27 मई तक रोक बरकरार
गोपालगंज के जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय की गिरफ्तारी पर रोक बरकरार है। उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई। मामले की सुनवाई में अदालत ने विधायक की गिरफ्तारी पर रोक को 27 मई तक बढ़ा दिया है।

गोपालगंज। कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र के जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय की गिरफ्तारी पर रोक बरकरार रखी है। वहीं, विधायक के बड़े भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी की अग्रिम जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके साथ ही जेल में बंद भोला पांडेय समेत चार आरोपितों की नियमित जमानत याचिका भी नामंजूर कर दी गई। अब सतीश पांडेय और राहुल तिवारी को अग्रिम जमानत के लिए तथा जेल में बंद आरोपितों को नियमित जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
सुनवाई की प्रक्रिया
जिला एवं सत्र न्यायाधीश-तीन सह विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट राजेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं भाजपा के राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा को बहस करनी है, लेकिन उनकी तबीयत खराब है। इस आधार पर अतिरिक्त समय देने की मांग की गई। इसके बाद अदालत ने विधायक की गिरफ्तारी पर रोक को 27 मई तक बढ़ाते हुए अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित कर दी। मामले में विधायक की ओर से अधिवक्ता उदय कुमार और शेख असगर ने पक्ष रखा, जबकि सीए राहुल तिवारी की ओर से अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक ने बहस की। अभियोजन पक्ष से जिला लोक अभियोजक देववंश गिरी उर्फ भानु गिरी तथा अधिवक्ता राजकमल और अभिषेक राय उपस्थित रहे।क्या है मामला
मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव निवासी जितेंद्र कुमार राय ने एक अप्रैल को कुचायकोट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि वह मुजफ्फरपुर निवासी विमल प्रसाद सिन्हा की पत्नी किरण सिन्हा के कारिंदा हैं। बेलवा गांव में किरण सिन्हा की करीब 16 एकड़ 93 डिसमिल जमीन है, जिस पर गेहूं की फसल लगी हुई थी। आरोप है कि जब वह फसल देखने पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों ने जमीन अपने नाम कराने का दबाव बनाया। विरोध करने पर आरोपितों ने वहां बने पांच कमरों का ताला तोड़कर अपना ताला लगा दिया तथा जान मारने की नीयत से फायरिंग भी की। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मौके से भोला पांडेय उर्फ राकेश पांडे, गुड्डू कुमार, दीपक कुमार और नीतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया, जबकि राहुल तिवारी फरार हो गया। प्राथमिकी में सतीश पांडेय और विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय को साजिशकर्ता बताया गया है। (रिपोर्ट-अजय त्रिपाठी)अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Manish Kumarशॉर्ट बायो: मनीष कुमार पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। जनवरी, 2025 से दैनिक ‘हिन्दुस्तान’ में गोपालगंज जिला ब्यूरो की टीम से जुड़े हैं।
परिचय एवं अनुभव
ग्राउंड रिपोर्टिंग, खोजी पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर स्टोरी करते रहे हैं। करीब 18 वर्षों के कॅरियर में हरिभूमि, अमर उजाला, प्रभात खबर और दैनिक भास्कर जैसे समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। लगभग तीन माह तक एक न्यूज चैनल में भी कार्य। वर्तमान में ‘बोले गोपालगंज’ की रिपोर्टिंग की जिम्मेवारी है। मनीष को डिजिटल पत्रकारिता का भी अनुभव है।
करियर का सफर
कॅरियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की, जहां जमीनी मुद्दों, सामाजिक समस्याओं और प्रशासनिक गतिविधियों पर प्रभावशाली रिपोर्टिंग की। करीब ढाई साल की रिपोर्टिंग के बाद लगातार 15 साल तक डेस्क पर काम किया। अगस्त 2021 तक दैनिक भास्कर, पटना में रहे। इसके बाद “इनसाइड न्यूज” नाम से अपना यूट्यूब न्यूज चैनल शुरू किया। यह चैनल मात्र पांच महीने में मोनेटाइज हो गया, जो कंटेंट स्ट्रेटजी और डिजिटल समझ को दर्शाता है। जनवरी 2025 से दैनिक हिन्दुस्तान के साथ जुड़कर गोपालगंज में सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से स्नातक की शिक्षा प्राप्त करने के बाद प्रिंट जर्नलिज्म इन हिन्दी में पोस्ट ग्रेजुएट इन डिप्लोमा के बाद मास्टर इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की।
शिक्षा एवं प्रशिक्षण में योगदान
पत्रकारिता के साथ-साथ विशेष रुचि शिक्षा के क्षेत्र में रही है। अबेकस, वैदिक मैथ, फोनिक्स के टीचर ट्रेनर के रूप में कार्य किया है। इसके अलावा DMIT (Dermatoglyphics Multiple Intelligence Test) की सहायता से कॅरियर काउंसिलिंग करते हैं। मशरूम पालन और हाईड्रोपोनिक्स विधि से खेती की तकनीक भी सीखी है। हर साल कुछ न कुछ नया सीखना इनकी हॉबी है। फिलहाल निमोनिक्स साइंस की ट्रेनिंग ले रहे हैं।
पत्रकारिता दृष्टिकोण और विजन
पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज को तथ्यपरक, निष्पक्ष और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना है। रिपोर्टिंग शैली जमीनी हकीकत, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता देने पर आधारित है। गोपालगंज में रहते हुए जनसरोकार से जुड़े विषयों पर गंभीर और जिम्मेदार पत्रकारिता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बोले गोपालगंज की टीम का नेतृत्व करते हुए कई सामाजिक एवं स्थानीय समस्याओं का निदान कराया है।
विशेषज्ञता
ग्रामीण एवं जिला स्तरीय रिपोर्टिंग
सामाजिक एवं प्रशासनिक मुद्दे
खोजी पत्रकारिता
शिक्षा एवं कॅरियर मार्गदर्शन
डिजिटल मीडिया और यूट्यूब न्यूज प्लेटफॉर्म संचालन
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