
Bihar Elections: चुनाव में सस्पेंड पुलिस वालों की चांदी कट गई, बड़ी राहत का रास्ता साफ हुआ
Bihar Elections: चुनाव में फोर्स की जरूरत को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने निलंबित अधिकारियों और जवानों को राहत देने का फैसला लिया है। ऐसे पुलिसकर्मियों को जल्द ही निलंबन मुक्त किया जा सकता है।
Bihar Elections: विधानसभा चुनाव ने काम में कोताही या लापरवाह बरतने वाले पुलिसकर्मियों को सुधरने का एक मौका दिया है। चुनाव में फोर्स की जरूरत को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने निलंबित अधिकारियों और जवानों को राहत देने का फैसला लिया है। ऐसे पुलिसकर्मियों को जल्द ही निलंबन मुक्त किया जा सकता है।

हालांकि निलंबन मुक्ति का फैसला वरीय पुलिस अधिकारियों द्वारा हर एक मामले की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। पुलिस मुख्यालय के इस निर्णय से जल्द ही बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को राहत मिलने की उम्मीद है। पुलिस ने इस संबंध में रेल पुलिस सहित सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को बुधवार को दिशा-निर्देश जारी किया है। इसके तहत वरीय पुलिस अफसरों को आदेश दिया गया है कि वह पुलिस अफसरों और जवानों के निलंबन के एक-एक मामले की गहराई से समीक्षा करें। सामान्य प्रकृति के मामलों में पुलिसकर्मियों को निलंबन से मुक्त करने पर विचार कर सकते हैं। यदि रेंज डीआईजी और आईजी के स्तर से पुलिस अफसर और जवान को निलंबित किया गया है एसएसपी या एसपी अपने स्तर से समीक्षा कर निलंबन से मुक्त करने या कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
वहीं पुलिस मुख्यालय के आदेश भी निलंबित पुलिसकर्मियों के मामले में जिला पुलिस द्वारा मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। रिपोर्ट की समीक्षा कर मुख्यालय इसपर निर्णय लेगा। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि निलंबन मुक्त होनेवाले पुलिस अफसरों और जवानों को विभागीय कार्यवाही से राहत नहीं मिलेगी। भले ही उन्हें निलंबन से मुक्ति मिले जाए, लेकिन विभागीय कार्यवाही जारी रहेगी। बता दें कि विभागीय कार्यवाही में दोषी पाए जाने के बाद ही पुलिसकर्मियों को प्रशासनिक सजा दी जाती है। इसमें ब्लैक मार्क से लेकर बर्खास्तगी तक की सजा शामिल होती है।
सभी को मिलेगी राहत
चुनाव के मद्देनजर लिए गए इस निर्णय का लाभ सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के पुलिसकर्मियों को होगा। इसमें सिपाही के हवलदार, जमादार (एएसआई), दारोगा (एसआई) और पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) तक शामिल होंगे।
विधि-व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस की जरूरत
पुलिसकर्मियों को समीक्षा के बाद निलंबन मुक्त करने का फैसला विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लिया गया है। बिहार में दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को चुनाव है। वहीं 14 नवंबर को मतगणना होनी है। मतदान और मतनगणना के साथ इसके बाद भी विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात करना पड़ता है। निलंबित पुलिसकर्मियों की ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती है। ऐसे में पुलिस मुख्यालय सामान्य प्रकृति के मामलों में निलंबित पुलिस अधिकारी और कर्मी को राहत देने का निर्णय लिया है।





