
NEET छात्रा कांड के बाद नींद खुली; गर्ल्स हॉस्टल के नियम टाइट, चारों ओर CCTV समेत कई निर्देश
कोई भी हॉस्टल बिना निबंधन के संचालित नहीं होगा। सभी हॉस्टलों के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए। हॉस्टल में कार्यरत वार्डन, गार्ड और सफाईकर्मियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा।
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली जहानाबाद की नीट छात्रा की हत्या के बाद राज्य भर में महिला छात्रावासों की विधि व्यवस्था पर प्रशासन के कान खड़े हो गए हैं। पटना में राज्य के सभी जिलों से लड़कियां और महिलाएं पढ़ाई या नौकरी करती हैं। कोतवाली थाना परिसर में शनिवार को गर्ल्स हॉस्टल संचालकों और अन्य हॉस्टल मालिकों के साथ बैठक हुई। बैठक के दौरान कोतवाली थानाध्यक्ष ने सभी हॉस्टल संचालकों को कई दिशा-निर्देश दिए।
कहा गया है कि कोई भी हॉस्टल बिना निबंधन के संचालित नहीं होगा। सभी हॉस्टलों के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए। हॉस्टल में कार्यरत वार्डन, गार्ड और सफाईकर्मियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा। बिना पुलिस वेरिफिकेशन के स्टाफ रखने पर कार्रवाई की जाएगी। हॉस्टल संचालन और आवासन संबंधित अधिक से अधिक जानकारी रखना है जिसे प्रशासन आवश्यकता पड़ने पर मांग सकता है।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि हॉस्टल में विजिटर रूम अलग होना चाहिए, जिसका हॉस्टल के कमरों से कोई सीधा संपर्क नहीं हो। विजिटर रूम में भी सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए। रजिस्टर में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का नाम, मिलने का उद्देश्य, छात्रा से संबंध, मोबाइल नंबर और पूरा पता दर्ज करना अनिवार्य होगा। बेवजह लोगों के आने-जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। परिसर में साफ-सफाई, स्वच्छ बाथरूम और कहीं भी गंदगी न होने का निर्देश दिया गया।
शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छानबीन के दौरान कई प्रकार की खामियां पाई गईं। हॉस्टल के मालिक और संचालिका के बेटे उसी भवन में रहते थे। कर्मियों के बारे में ठोस जानकारी प्रबंधन के पास नहीं था। विजिटर्स संबंधित नियमों का पालन नहीं किया जाता था। उसके बाद सभी महिला छात्रावासों की सुरक्षा ऑडिट कराई जा रही है।
इधर नीट की छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर 8 फरवरी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले धरना- प्रदर्शन में शामिल होने के लिए शनिवार को जहानाबाद से दर्जनों लोग विभिन्न निजी वाहनों से रवाना हुए। दिल्ले जाने वाले लोगों को पुलिस पकड़ नहीं ले इसके लिए दोपहर बाद गोपनीय तरीके से मृतका के माता- पिता सहित गांव के छह लोग भी दिल्ली के लिए निकले हैं। दिल्ली के लिए निकले वाहनों पर किसी तरह का बैनर नहीं लगा हुआ था।

लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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