घिनौना काम हुआ, रहना नहीं चाहते.., NEET छात्रा की मौत के बाद हॉस्टल खाली करने में छात्राएं क्यों परेशान
हॉस्टल में रहने वाली कुछ अन्य छात्राओं को हॉस्टल खाली करने में एक बड़ी मुश्किल सामने आ रही है। लड़कियों को साथ लेकर जाने के लिए उनके परिजन आए हैं उनका कहना है कि यहां घिनौना काम हुआ है। शंभू गर्ल्स हॉस्टल की कुछ लड़कियों ने यह भी कहा कि वो यहां नहीं रहना चाहती हैं।

पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके में स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली NEET छात्रा की मौत पर हंगामा मचा हुआ है। छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके साथ दरिंदगी की बात सामने आई है। इसके बाद से हॉस्टल संचालक पर कानून का शिकंजा कस रहा है। लेकिन इस बीच इस हॉस्टल में रहने वाली कुछ अन्य छात्राओं को हॉस्टल खाली करने में एक बड़ी मुश्किल सामने आ रही है। लड़कियों को साथ लेकर जाने के लिए उनके परिजन आए हैं उनका कहना है कि यहां घिनौना काम हुआ है। शंभू गर्ल्स हॉस्टल की कुछ लड़कियों ने यह भी कहा कि वो यहां नहीं रहना चाहती हैं।
कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कई छात्राएं हॉस्टल खाली करने के लिए यहां पहुंची थीं। यह छात्राएं इस हॉस्टल में नहीं रहना चाहती हैं। लेकिन हॉस्टल सील रहने की वजह से छात्राओं को अपना सामान ले जाने में दिक्कतें आ रही हैं। छात्राओं का कहना है कि उन्हें उनका सामान नहीं मिल पा रहा है और वो इससे परेशान हैं। कई छात्राओं के साथ उनके परिजन भी हैं।
छात्राओं के परिजन बोले- यहां घिनौना काम हुआ
छात्राओं के परिजनों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम सामान और किताब-कॉपी लेने आए हैं। कपड़ा भी यही है। बिना किताब के आखिर पढ़ाई कैसे होगी। लेकिन हॉस्टल का गेट बंद है। आवाज देने पर कोई कुछ बोल ही नहीं रहा है। जब थाने में फोन किया गया तो एसएचओ ने बताया कि हॉस्टल सील है। लेकिन हॉस्टल सील है कहां? अगर सील होता तो मुहर होना चाहिए था। बिना मुहर के सील कहां होता है। जब परिजनों से पूछा गया कि वो हॉस्टल से सामान क्यों लेकर जा रहे हैं? तब उन्होंने कहा कि अब यहां नहीं रहना है क्योंकि यहां इतना घिनौना काम हुआ है कि इसका कोई जवाब ही नहीं दे सकता है। इतना घिनौना काम हुआ है।
छात्राओं ने बताई परेशानी
हॉस्टल में रहने वाली कुछ छात्राओं ने भी कैमरे के सामने मीडिया से बातचीत की है। एक छात्रा ने बताया कि वो करीब 6 महीने से यहां रही हैं और कुछ समय पहले वो अपने घर भी गई थीं। जिस दिन घटना हुई थी उस दिन वो हॉस्टल में थीं लेकिन उन्होंने कुछ देखा नहीं था। हॉस्टल की गतिविधि को लेकर इस छात्रा ने कहा कि उस समय हॉस्टल की गतिविधि भी सामान्य थी। छात्रा ने कहा कि इस घटना के बाद वो शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बिल्कुल भी नहीं रहना चाहती हैं। हॉस्टल खाली करने में आ रही परेशान को लेकर छात्रा ने कहा, मैं अपना सामान लेने यहां आई हूं लेकिन हॉस्टल के अंदर से कोई जवाब नहीं आ रहा।'
एक अन्य छात्रा ने कहा, ‘हमलोगों यह समझ नहीं आ रहा है कि आखिर हमें अपना सामान कैसे मिलेगा? पुलिसवाले कहते हैं कि थाने में आइए। हम थाने पर जाकर क्या करेंगे? हमारा सामान यहां है तो हम थाना पर क्यों जाएंगे?’





