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10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले बोधगया में योग उत्सव

बोधगया मगध विश्वविद्यालय के खेल मैदान में सोमवार को योग उत्सव मनाया गया। प्ले ग्राउंड में सात हजार से ज्यादा योग प्रेमियों ने भाग लिया और योगाभ्यास...

10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले बोधगया में योग उत्सव
हिन्दुस्तान टीम,गयाTue, 28 May 2024 01:00 AM
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बोधगया मगध विश्वविद्यालय के खेल मैदान में सोमवार को योग उत्सव मनाया गया। प्ले ग्राउंड में सात हजार से ज्यादा योग प्रेमियों ने भाग लिया और योगाभ्यास किया। 21 जून को 10वें अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस से पहले ज्ञान की भूमि बोधगया में योग उत्सव मनाया। योगाभ्यास में बौद्ध भिक्षुओं ने भी बढ़चढ़कर भाग लिया। इसके साथ प्रणायाम करके स्वस्थ भारत और सशक्त भारत का संकल्प भी लिया। कुशल योग गुरुओं ने सामान्य योग प्रोटोकॉल (सीवाईपी) के आधार पर योगाभ्यास कराया।
आयुष मंत्रालय की स्वायत्त संस्था मोरारजी देसाई राष्‍ट्रीय योग संस्थान की ओर से विशाल योग शिविर लगाया गया। मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के निदेशक डॉ. काशीनाथ ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 25 दिन शेष रहने पर बिहार के बोधगया में योग उत्सव का आयोजन हुआ। जिसमें आयुष मंत्रालय के कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत योगाभ्यास बताया गया। इसके तहत योग प्रेमियों को प्रार्थना, यौगिक सूक्ष्म व्यायाम, ताड़ासन, वक्रासन, पाद हस्तासन, अर्ध चक्रासन, त्रिकोणासन, भद्रासन व अन्य मुद्राओं की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा संस्थान हजारों कुशल योग गुरु तैयार करके हमारे देश में योग के परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी लिया भाग

निदेशक काशीनाथ ने योग के सार्वभौमिक अभ्यास को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन के आरंभ से योग ने अब दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। गत वर्ष आईडीवाई-2023 के आयोजन में दुनियाभर में 23.5 करोड़ से अधिक लोगों ने योग किया। आयुष मंत्रालय को विश्वास है कि इस वर्ष यह भागीदारी बढ़कर 40 से 50 करोड़ हो जाने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम तारा हेल्पिंग एजुकेशन सोसायटी पथरा सहित कई स्कूल कॉलेजों के हजारों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

बौद्ध भिक्षुओं ने दिया योग का संदेश

योगाभ्यास में विदेशी बौद्ध भिक्षुओं ने योग की विभिन्न क्रियाएं की और साथ ही विभिन्न मुद्राओं के तहत ध्यान साधना की। बौद्ध भिक्षुओं ने बताया कि भगवान बुद्ध अलग अलग स्थानों पर विभिन्न आसनों में साधना, योग व मुद्राएं कर ज्ञान की प्राप्ति की। उसी ज्ञान की बदौलत पूरी दुनिया में अहिंसा, शांति व ज्ञान का मार्ग पर चलते हुए उन्होंने बौद्ध धर्म की स्थापना की। योग से तमाम प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलती है। इसे सबको अपनाना चाहिए।

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