
आर्थिक कमजोरी के कारण मजदूर करते हैं पलायन: डीएम
आर्थिक कमजोरी के कारण मजदूर करते हैं पलायन: डीएम
आर्थिक कमजोरी के कारण मजदूरों को अपने शहर से दूसरे प्रदेशों के लिए पलायन करना पड़ता है। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जनहित में चलायी जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं का लाभ जब अधिक से अधिक जरूरतमन्दों को मिलने लगेगा तो पलायन में कमी आ सकती है। साथ ही बेहतर टीमवर्क के प्रयास से प्रवासी मजदूरों के आंकड़ों को भी कम किया जा सकता है। उक्त बातें सोमवार को एक्शन एड व श्रम संसाधन विभाग की ओर से बोधगया में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन उद्घाटन सत्र में डीएम अभिषेक सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में बिहार के मजदूर आसानी से मिल जाते हैं। पलायन कर चुके मजदूरों व बाल मजदूरों को वापस लाने के लिए समुदाय स्तर पर जागरूकता लाना जरूरी है। गया का सुविधा केन्द्र राज्य के साथ-साथ देश के लिए मॉडल के रूप में काम करे। इस मौके पर पटना सर्किल के रीजनल मैनेजर सौरव कुमार ने कहा कि देश भर में गया जिले से महिला व बच्चों का ज्यादा पलायन होता है। उन्होंने कहा कि 80 फीसदी से ज्यादा प्रवासी मजदूरों को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलता है। एक्शनएड देश के 24 शहरों में 15 सुविधा केन्द्र शुरू करेगा। इन केन्द्रों पर पंचायत स्तरीय सर्वे, विधिक सहायता, प्रवासी श्रमिकों का निबंधन व प्रवासी श्रमिकों के परिवार को सहयोग मिलेगा। साथ ही मोबाइल क्लीनिक, निर्माण स्थलों पर पलायन, श्रमिकों की मैपिंग, बंधुआ व बाल श्रमिकों की शिकायत मिलने पर संबंधित विभाग उसे दूर करेगी। कार्यशाला में डीपीओ कविता कुमारी, सीपीओ सुरेन्द्र कुमार, दीपक कुमार, फादर जोश, जगत भूषण सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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