बाराचट्टी में 18 फीट तक अवैध बालू खनन, ग्रामीणों में आक्रोश
-आक्रोश ग्रामीणों ने समाहरणालय पहुंचकर डीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई करने की मांग की
बाराचट्टी प्रखंड के मंझौली, खैरात गंगवार, सखोवा और कुंडल गांव में बालू खनन को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। सोमवार को इन गांवों के लोगों ने गया जी समाहरणालय पहुंचकर डीएम शशांक शुभांकर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि मंझौली बालू घाट पर 15 से 18 फीट तक गहराई में बालू की खुदाई की जा रही है। जो गांव से महज 50 मीटर की दूरी पर बालू का उठाव हो रहा है, जिससे बड़े-बड़े गहरे गड्ढे बन गए हैं। इसी रास्ते से बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों का रोजाना आना-जाना होता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस जगह पर घटना भी हो चुकी है।अधिक खनन के कारण आसपास लगे पेड़-पौधों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। कई पेड़ों को काट दिया गया है, जबकि कई गहरे गड्ढों में गिरकर नष्ट हो गए हैं, जिससे पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि आसपास के करीब पांच गांवों के लिए बना शवदाह स्थल भी खनन की जद में आ गया है। विरोध करने पर झूठे मुकदमों में फंसाने और धमकाया जाता है।ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल बालू उठाव पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो सभी गांव के ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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