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गयासरकारी काम-काज में हिंदी का प्रयोग हमारी संवैधानिक व नैतिक जिम्मेदारी: पांडेय

हिन्दुस्तान टीम,गयाPublished By: Newswrap
Tue, 13 Apr 2021 10:30 PM
सरकारी काम-काज में हिंदी का प्रयोग हमारी संवैधानिक व नैतिक जिम्मेदारी: पांडेय

सरकारी काम-काज में हिंदी का प्रयोग हमारी संवैधानिक व नैतिक जिम्मेदारी बनती है। इसलिए लोग हिंदी में काम करें। मंगलवार को डीडीयू मंडल से मंडल राजभाषा कार्यन्वयन समिति की वीडियो कांफ्रेंसिंग पर त्रैमासिक बैठक को सम्बोधित करते हुए डीडीयू के डीआरएम राजेश कुमार पांडेय ने ये बातें कही। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में गया जंक्शन सहित आसपास के स्टेशनों के सभी शाखाधिकारी शामिल हुए। डीआरएम पांडेय ने समिति के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी राष्ट्रीय एकता की परिचायक है। हिंदी ने भारत की सामासिस संस्कृति को अक्षुण बनाये रखा है तथा देश के नागरिकों के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।

उन्होंने आगे कहा कि हमे अपने सरकारी काम काज में राजभाषा हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करना चाहिए ताकि आम जन को उसकी सूचना और जानकारी उसकी भाषा में मिल सके। बैठक के प्रारंभ में अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं अपर मंडल रेल प्रबंधक-टू अतुल कुमार ने अध्यक्ष एवं सभी शाखाधिकारियों का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा के साथ साथ भारत सरकार की राजभाषा भी है। इसके प्रयोग व प्रचार-प्रसार के लिए हमें हर सम्भव प्रयास करना चाहिए। हिंदी हमारी मातृ भाषा ही नहीं राजभाषा भी है जिसमें कार्य करने में हमें गर्व की अनुभूति होती है। भाषा कोई भी हो हमारे भावों की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। बैठक में वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी दिनेश चंद्र द्वारा विगत समाप्त तिमाही में हिंदी की प्रगति की समीक्षा प्रस्तुत की गई एवं रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित मानक कार्यसूची में शामिल मदों पर विस्तृत चर्चा सम्पन्न हुई। समीक्षाधीन तिमाही में हिंदी में सर्वाधिक काम काज करने वाले मंडल के रेलवे सुरक्षा बल विभाग को अंतर्विभागीय राजभाषा चल शील्ड प्रदान की गयी जिसे मंडल रेल प्रबंधक राजेश कुमार पांडेय से वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष मिश्र ने ग्रहण किया। बैठक में राकेश रौशन अपर मंडल रेल प्रबंधक वन, आशीष मिश्र वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त, एच.सी.यादव वरिष्ठ मंडल इंजी.(समन्वयन), ओ.पी.सिंह यादव,वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजी (क.वि), अजीत कुमार वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी आदि मौजूद थे।

भाप्रसे अधिकारी विजय रंजन को दी गई श्रद्धांजलि

गया हिन्दुस्तान संवाददाता

पंचायती राज विभाग बिहार पटना के निदेशक तथा गया के तत्कालीन अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी विजय रंजन को मंगलवार को गया जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में श्रद्धाजंलि अर्पित किया गया।

जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी नरेश झा सहित कर्मियों व गणमान्य लोगों ने उनके चित्र पर माला अर्पण किया। साथ ही दो मिनट का मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि दिया। गौरतलब है कि स्वर्गीय विजय रंजन को सोमवार की रात्रि में पटना में आकस्मिक मृत्यु हो गई। वह काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। इस इस संबंध में जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी नरेश झा ने बताया कि स्वर्गीय विजय रंजन जी काफी कर्मठ व सीनियर पदाधिकारी थे। उनके नहीं रहने से हमेशा लोगों के दिलों में उनकी कमी महसूस होगी। लोग इन्हें कभी भी भुला नहीं सकेंगे। शोक संवेदना व्यक्त करने वालो में जिला लोक शिकायत कार्यालय के सहायक कार्यपालक धनराज शाह, चंदन लाल, श्याम गोपाल प्रसाद, अनुज कुमार एवं मल्टी टास्क कर्मी ललन कुमार पाठक और सुधीर कुमार निराला इत्यादि लोग उपस्थित थे।

मगध विश्वविद्यालय में आईएलएमएस का दिया प्रशिक्षण

बोधगया। निज संवाददाता

मगध विश्वविद्यालय में मंगलवार को आईएलएमएस को लेकर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। वीसी प्रो राजेंद्र प्रसाद  की अध्यक्षता में आईएलएमएस के बारे में विस्तृत जानकारी अहमदाबाद के विशेष वैज्ञानिक डॉ अभिषेक कुमार ने दी। उन्होंने कहा यह यूजीसी का एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। जिसे बिहार के राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय में केवल मगध विश्वविद्यालय को ही प्राप्त है। विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर आईएलएमएस में कोर्स मैटेरियल बनाने की विधि एवं उसकी उपयोगिता को बताया। इसमें विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों ने भाग लिया तथा इस ट्रेनिंग प्रोग्राम को काफी सराहनीय एवं उपयोगी पूर्ण बताया। इस प्रोग्राम की कोआर्डिनेशन विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी संजय कुमार ने की। पीआरओ डॉक्टर शैलेंद्र त्रिपाठी ने इसे काफी सफल एवं विश्वविद्यालय के लिए दूरगामी परिणाम देने वाला बताया।

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