बोले गया जी :जान जोखिम में डाल नदी पार कर स्कूल जाते हैं कैथियाटोला के बच्चे

बोले गया जी :जान जोखिम में डाल नदी पार कर स्कूल जाते हैं कैथियाटोला के बच्चे

संक्षेप:

डोभी प्रखंड के औरवादोहर गांव में बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए पुल का निर्माण आवश्यक है। बरसात में जमुनैईया नदी का जलस्तर बढ़ने से स्कूल जाने में बच्चों को खतरनाक स्थिति का सामना करना पड़ता है।...

Sep 15, 2025 04:07 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गया
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डोभी प्रखंड की कुशाबीजा पंचायत के कैथियाटोला-औरवादोहर गांव के बच्चों व लोगों की जान हमेशा जोखिम में रहती है। गांव के समीप से जमुनैईया नदी बह रही है। सामान्य दिनों में नदी मामूली दिखती है। लेकिन,बरसात के दिनों में विकराल हो जाती है। नदी की तेज धार को पार करना खतरों से खली नहीं है। कैथियाटोला आदि गांव के बच्चे औरवादोहर स्कूल में पढ़ने जाते है। बच्चों की जान पर हमेशा खतरा मंडराते रहता है। जरा सी चुक जानलेवा हो सकती है। गांव के लोग किसी अनहोनी से आशंकित रहते हैं। इस भयावह से निपटने के लिए गांव के लोग यहां जमुनैईया नदी पर एक छोटा पुल निर्माण कराने की मांग सालों से कर रहे हैं।

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लेकिन, लोगों की उम्मीद सिर्फ सपना बनकर रह गई है। आज तक नदी पर पुलिया नहीं बन सकी है। टोला सेवक मिथलेश कुमार व गांव के उमर यादव ने कहा कि यहां पुल बनना अनिवार्य है। पुल के अभाव में कटाव हो चुके चिलिम, अछमा, नेहुटा, पथलकट्टी, लक्षनैती, भूसभुसिया आदि दर्जनों गांव का जुड़ाव औरवादोहर गांव के स्कूल से हो जायेगा और उन गांवों के बच्चों की पढ़ाई में बाधक बनी जमुनैईया नदी की बाधा भी समाप्त हो जाएगी। लोग कहते हैं कि यह पुल केवल सुविधा ही नहीं, बल्कि जीवन और शिक्षा की सुरक्षा का प्रतीक बनेगा। औरवादोहर गांव में विद्यालय की मान्यता और भवन की सच्चाई: औरवादोहर का हाई स्कूल कागज पर टेन प्लस टू तक मान्यता प्राप्त है। लेकिन हकीकत यह है कि यहां 8वीं से 12वीं तक पढ़ाई के लिए अलग भवन बना ही नहीं है। केवल नामात्र से मान्यता है। सुविधाएं नहीं हैं। बच्चे बिना भवन के कक्षाओं में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय का यह हाल शिक्षा के अधिकार की सच्चाई पर सवाल खड़ा करता है। हाई स्कूल में 8वीं से 12वीं तक का भवन निर्माण के बिना बच्चों का भविष्य अधूरा है। बेहतर शिक्षा नहीं मिलती। गांव के लोग बताते हैं कि टेन प्लस टू हाई स्कूल भवन निर्माण के लिए जमीन का एनओसी को लेकर शिक्षक व गांव के लोग कई बार डोभी अंचल कार्यालय जा चुके हैं। लेकिन, वहां टालमटोल किया जा रहा है और एनओसी नहीं दिया जा रहा है। औरवादोहर गांव की और भी समस्याएं: औरवादोहर गांव की परेशानियां यहीं खत्म नहीं होती। गांव में कोई सामुदायिक भवन नहीं है। पंचायत की बैठक या सामाजिक कार्यक्रम खुले में या निजी घरों पर होते हैं। श्मशान घाट जाने का रास्ता बेहद खराब है। बरसात में कीचड़ से पट जाता है। राज्य सरकार की नल जल योजना महीनों से ठप है। लोग कुएं और चापाकल पर निर्भर हैं। गांव की सड़कें ज्यादातर कच्ची हैं और हल्की बारिश में कीचड़ से भर जाती है। औरवादोहर में लगने वाले सप्ताहिक बाजार में कोई ठहराव या कोई शेड नहीं है, जिससे व्यवसाय भी प्रभावित होती है। लेकिन, इन सबके बीच पुल और विद्यालय भवन की कमी सबसे गंभीर है। इनकी पीड़ा गांव का विकास तभी संभव है जब शिक्षा और आवागमन दोनों क्षेत्रों में सुधार हो। गांव में विद्यालय भवन की कमी और नदी पर पुल न होना सबसे बड़ी रुकावट है। यदि दोनों सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाए तो बच्चों की पढ़ाई भी सुचारू होगी और ग्रामीणों को परेश्कानी भी नहीं होगी। -सकिन्द्र चौधरी। जमुनैईया नदी गांव को दो हिस्सों में बांट देती है। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर इतना बढ़ जाता है कि लोगों का आना-जाना लगभग ठप हो जाता है। बच्चों की पढ़ाई रुक जाती है और महिलाएं व बुज़ुर्ग गंभीर परेशानी में आ जाते हैं। पुल का निर्माण होना आवश्यकता है। -रामशिला यादव। विद्यालय में भवन की कमी है। बच्चे उचित वातावरण में पढ़ाई नहीं कर पाते हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता गिर रही है। नदी पर पुल न होने से ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त रहता है। इन दोनों समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। जनप्रतिनिधि ध्यान दें। -नागेश्वर यादव। गांव में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। बिजली आए दिन बाधित रहती है, नल-जल की व्यवस्था अधूरी है और विद्यालय भवन का निर्माण अब तक नहीं हुआ। सबसे गंभीर समस्या नदी पर पुल का अभाव है। इन समस्याओं का समाधान किए बिना गांव का विकास असंभव है। -मोहन दास। गांव के समीप नदी पर पुल न होने से बरसात के दिनों में बच्चे गंभीर खतरे उठाकर स्कूल जाते हैं। हमेशा बच्चों पर जान का खतरा बना रहता है। लोगों को रोजमर्रा की वस्तुएं लेने के लिए आने-जाने में परेशानी होती है। इसलिए पुल जैसी समस्या का शीघ्र समाधान होना बहुत आवश्यक है। -राजू कुमार। नदी पर पुल न होने से बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए माता-पिता उन्हें गोद में उठाकर नदी पार कराते हैं। बरसात के समय यह और भी खतरनाक हो जाता है। कई बार बच्चों की जान जोखिम में पड़ जाती है। पुल का निर्माण कराने की जरूरत है। लोगों को समस्या नहीं होगी। -साधु यादव। गांव में स्थित शिव मंदिर के पास स्थायी रूप से चापाकल की व्यवस्था हो, जिससे मंदिर में पूजा-पाठ करने आने वाले श्रद्धालुओं को पवित्रता के लिए शुद्ध पानी मुहैया हो। शौचालय का निर्माण हो जिससे खुले में शौच से मुक्ति मिले। साथ ही गरीब परिवारों को राशन कार्ड मिले। -रीना देवी। बरसात के दिनों में महिलाओं को नदी पार करने में बेहद कठिनाई होती है। कई बार बच्चों और सामान को लेकर नदी पार करनी पड़ती है। जान का खतरा बना रहता है। पुल का निर्माण सभी के सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। -शांति देवी। जमुनैईया नदी तो छोटी है। लेकिन, इसका बहाव बहुत तेज है। इससे गांव में हमेशा अनहोनी की आशंका बनी रहती है। नदी पर एक पुल नहीं होने से गांव का जीवन असुरक्षित है। गांव में सार्वजनिक शौचालय भी नहीं है। -शांति देवी। नदी पर पुल बन जाने से कटाव हो चुके कई गांव का औरवादोहर से जुड़ाव हो जायेगा। गांव में अभी तक सभी को इंदिरा आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। पुल व अन्य समस्याओं का समाधान होना चाहिए। -सुखिया देवी। तेज बारिश और नदी की तेज धारा में कई बार भींगकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे किताबें व कॉपियां खराब हो जाती हैं। नदी पर पुल न होने से स्कूल जाने में काफी कठिनाई होती है। विद्यालय का भवन भी नहीं है। -सोनी कुमारी। बरसात में बच्चों को पढ़ाई करने के लिए बरसात के दिनों में नदी पार करना बहुत मुश्किल हो जाता है। एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी पार करते हैं। नदी की तेज धारा में जरा सी चूक खतरनाक व जानलेवा हो जाती है। -नीतू कुमारी। विद्यालय में भवन का निर्माण न होने से कक्षाएं सही ढंग से संचालित नहीं हो पाती हैं। बच्चों को बरामदे या खुले में बैठना पड़ता है। यह स्थिति शिक्षा के लिए ठीक नहीं है। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए नया भवन बनाया जाए। -दिलीप शर्मा। गांव से अस्पताल बहुत दूर है। बीमारों को ले जाने में बहुत परेशानी होती है। यहां एक स्वास्थ्य केंद्र की आवश्यकता है। साथ ही नदी पर पुल का निर्माण हो जाने से कैथियाटोला, औरवादोहर के लोगों को समस्या नहीं होती। -संजय कुमार यादव। -प्रस्तुति : रूपेश कुमार