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सूरत के कोचिंग सेंटर में लगी आग की चपेट मारे गए मासूमो को श्रद्धांजलि

सूरत को कोचिंग संस्था में लगी भीषण आग और उसके चपेट में आकर मारे गए 20 मासूमों को याद कर लोगों की आंखे नम हो गयी। उन मासूमों की याद में शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। हिंदले रोड में आयोजित शोक सभा में सामाजिक कार्यकर्ता उदय श्रीवास्तव, भीम आर्मी के महासचिव संजय चंद्रवंशी, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी समिति के पूर्व सदस्य महेश शर्मा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के दीपचंद गुप्ता, नवीन कुमार सिन्हा, ज्योति कुमारी आदि ने शोक जताते हुए कोचिंग संस्था में व्यवस्था सुदृढ करने की मांग सरकार और प्रशासन से की है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के बिहार प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सूरज सिंह ने कहा कि सूरत के कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग व उसमें जल कर मरे 20 बच्चों की घटना ने सब को अंदर से झकझोर दिया है। उन्होंने गया शहर में सरकार द्वारा कोचिंग संस्थान चलाने के लिए जो निर्धारित मानक होनी चाहिए वो शहर के अधिकांश कोचिंग संस्थान पूरा नहीं करता है। आज जिस तरह से कोचिंग संस्थान (डांस कोचिंग, शैक्षणिक कोचिंग) में छात्रों के लिए सुरक्षित व्यवस्था नहीं है ना ही छात्राओं के सुरक्षा को ध्यान में रखा जा रहा है। उन्होंने संस्थान का जांच कर उनकी कोचिंग संस्थान में जो कमी है उसे पूरा करने आदि की मांग प्रशासन से की है।सूरत हादसे में मृत छात्रों को दी श्रद्धांजलिटिकारी के तिताईगंज से युवाओं ने निकाला कैंडिल मार्च फोटो- टिकारी में कैंडिल मार्च में शामिल युवा। टिकारी। निज संवाददाता गुजरात के सूरत अग्निकांड में जान गंवाने वाले छात्रों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए युवाओं ने कैंडिल मार्च निकाला। तिताईगंज युवा एकता मंच के बैनरतले मोहन मंदिर परिसर से मार्च की शुरुआत की गई। कैंडिल मार्च मुख्य मार्ग होते महावीर मंदिर पहुंची। यहां दो मिनट का मौन रखते हुए घटना में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि दी। कैंडिल मार्च में शामिल युवाओं ने सूरत की दर्दनाक घटना पर चिंता जताई। मार्च के बाद युवाओं ने कहा कि इमरजेंसी सेवा फायर बिग्रेड देर से घटना स्थल पहुंची। उस वक्त जरुरी उपकरण उनके पास नहीं थे। अन्यथा कई छात्रों की जान बचायी जा सकती थी। युवाओं ने प्रशासन से मांग किया है कि आवश्यक जगहों पर फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच समय-समय पर की जानी चाहिए। ताकि आपातकाल में जान बचायी जा सके। मनमानी करने वाले और नियमों का उलंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई भी होनी चाहिए। कैंडिल मार्च में अभिषेक सिंह उर्फ लाला, भोला, आशीष, बिट्टू, बप्पी, सोनू, सुभम, राहुल, दिव्यांशु, कौशल, अंकित, आदित्य, सूरज, गोलू, नरेश, छोटू, अंशु, अनुज, गोलू, विवेक, उपेंद्र समेत बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।

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  • Web Title:Tribute to the victims of the fire at the coaching center of Surat