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40 मेडिकल कैंप से पिंडदानियों का होगा इलाज

विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेले की तैयारी में जिला प्रशासन जोर-शोर से जुटा है। बिजली, स्वास्थ्य, आवासन, पेयजल, साफ-सफाई से लेकर अन्य सुविधाओं पर विशेष जोर है। देश के कोने-कोने से गयाधाम आने वाले पिंडदानियों को चिकित्सीय सेवा उपलब्ध कराने में स्वास्थ्य विभाग की तैयारी चल रही है। इस बार विष्णुपद से लेकर प्रेतशिला व बोधगया तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से 40 मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों में पर्याप्त संख्या में स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा जरूरी दवाएं उपलब्ध रहेंगीं।

सिविल सर्जन डा. राजेन्द्र प्रसाद सिन्हा ने बताया कि 40 स्थानों पर कैंप लगेगा। इनमें चार स्थानों पर 24 घंटे, तेरह स्थानों पर 12घंटे, और 21 स्थानों पर 4 घंटे की सेवा दी जाएगी। 24 घंटे वाले शिविर में तीन पालियों में डॉक्टर रहेंगे। 12 घंटे वाले कैंप में दो पाली में चिकित्सक तैनात रहेंगे। शिविरों में सर्दी, बुखार,कै- दस्त, दर्द, ब्लड प्रेशर, हार्ट की दवा इस वक्त मौजूद है। खांसी के लिए कफ सिरफ और खून बहने से रोकने के लिए एन्टी कोबलेंट दवा इस बार शिविर में उपलब्ध रहेगी। प्रत्येक शिविर में एक चिकित्सक, दो पारा मेडिकल कर्मी व एक परिचारी मौजूद रहेगें। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में जरूरी सात स्थानों पर एम्बुलेंस की सेवा बहाल रहेगी। गया कॉलेज खेल परिसर, विष्णुपद, रेलवे स्टेशन, रामशीला, प्रेतशिला, रामसागर व बोधगया के निगमा मोनिस्ट्री के पास 24 घंटे एम्बुलेंस खड़ा रहेगा। विष्णुपद इलाके में एक शव वाहन रहेगा।

सीएस ने बताया कि सभी आवासन स्थलों पर शाम चार बजे से रात आठ बजे तक चिकित्सक मौजूद रहेगें। उन्होंने बताया कि अलग-अलग अस्पतालों में पिंडदानियों के लिए 45 अतिरिक्त बेड सुरक्षित रहेंगे।

चांदचौरा के पास स्थित संक्रामक रोग अस्पताल में 20, जयप्रकाश नारायण अस्पताल में 10 और मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 15 अतिरिक्त बेड तैयार रहेंगे। सीएस ने बताया कि शिविर की मॉनेटिरंग की जाएगी।

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  • Web Title:Treatment of Gandindians with 40 Medical Camps