Hindi NewsBihar NewsGaya NewsTraining Program to Enhance Fish Farming Skills for 180 Selected Fishermen
बेहतर तरीके से मछली पालन के गुर सीखेंगे जिले के मछुआरे

बेहतर तरीके से मछली पालन के गुर सीखेंगे जिले के मछुआरे

संक्षेप:

बेहतर तरीके से मछली पालन के गुर सीखेंगे जिले के मछुआरे बेहतर तरीके से मछली पालन के गुर सीखेंगे जिले के मछुआरे बेहतर तरीके से मछली पालन के गुर सीखेंग

Dec 08, 2025 07:24 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गया
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मछली पालन के पेशे को बेहतर बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। अच्छी तरह से पालन के साथ उत्पादन बढ़ाने के गुर सीखाए जाएंगे। इसके लिए जिले के चयनित मछुआरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले से चयनित 180 मछली पालकों को छह ग्रुप में बांटकर विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। अभी तक दो ग्रुप में 60 लोगों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इस बार दिसंबर में मछुआरे के 30 ग्रुप को विशेष प्रशिक्षण के लिए पटना भेजा जाएगा। चयनित मछुआरों सरकारी खर्च पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। पटना के दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान में छह दिनों की ट्रेनिंग दी जाएगी।

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15 से 20 दिसंबर तक संस्थान में मछली पालन का गुर सीखाया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान बेहतर मछली पालन वाली जगह और सफल मछुआरों से मिलवाया जाएगा जिला मत्स्य पदाधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि राज्य सरकार की मत्स्य प्रसार योजना के तहत जिले के मछुआरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाना है। अब तक दो बैच में 60 को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। अगस्त में पहला और नवम्बर में दूसरे बैच को प्रशिक्षित किया जा चुका है। 30 लोगों के तीसरे ग्रुप को इसी माह पटना में प्रशिक्षण दिया जाएगा। संस्थान में प्रशिक्षण के अलावा बेहतर ढंग से मछली पालन कर रहे सफल मछुआरों से मिलवाया जाएगा। उनका अनुभव प्राप्त करेंगे। बताया कि ट्रेनिंग में तालाब, मछली या बायोफलॉक से संबंधित विशेष जानकारी हासिल करेंगे। जनवरी में दो बैच ट्रेनिंग के लिए और जाएगा। ट्रेनिंग से बहुत फायदा होगा मत्स्य विकास पदाधिकारी मृणाल कुमार ने बताया कि ट्रेनिंग में जाने वाले ग्रुप में जिले भर सभी क्षेत्रों के मछुआरा हैं। इसके बाद अगले बैचों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा,जो नि:शुल्क है। अप्रैल तक वित्तीय वर्ष का टारगेट पूरा हो जाएगा। बताया कि प्रशिक्षण से मछुआरों को बहुत फायदा होगा। सुरक्षित तरीके से मछली पालन ,कम खर्च के साथ उत्पादन भी अधिक हो इसका गुर सीखेंगे। प्रशिक्षित मछुआरा अपने इलाके के लोगों को ट्रेनिंग देंगे। मत्स्य पालन के क्षेत्र में आधुनिक जानकारी से धंधा और बेहतर होगा।