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जांच समिति ने माना अनुसुचित जाति के नही है विरेन्द्र : श्यामदेव पासवान

जांच समिति ने माना अनुसुचित जाति के नही है विरेन्द्र : श्यामदेव पासवान आरोप...

जांच समिति ने माना अनुसुचित जाति के नही है विरेन्द्र : श्यामदेव पासवान
हिन्दुस्तान टीम,गयाWed, 12 Jun 2024 08:45 PM
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वर्तमान मेयर विरेन्द्र कुमार उर्फ गणेश पासवान गलत जाति बताकर मेयर बन गये। यह बात जांच समिति ने भी मानी है। मेयर विरेन्द्र कुमार उर्फ गणेश पासवान अनुसुचित जाति दुसाध(पासवान ) जाति के नहीं हैं। उक्त बातें शुक्रवार को पूर्व विधायक सह मेयर प्रत्याशी श्यामदेव पासवान ने कही। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि वर्ष 2023 में जिलाधिकारी व निर्वाचन आयोग से इसकी शिकायत की थी। इसके लिए लगातार संघर्ष कर रहा था। इसकी पूरी जांच कराने में 11 महीने लग गए, जो जांच रिपोर्ट आई है उसमें स्पष्ट है कि वर्तमान मेयर विरेन्द्र कुमार उर्फ गणेश पासवान अनुसुचित जाति के नहीं बल्कि बंगाली हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने सामान्य प्रशासन विभाग से कराया सत्यापन

श्यामदेव पासवान ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग वाद संख्या 39/23 श्यामदेव पासवान बनाम विरेन्द्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की सुनवाई करते हुए 6 अक्टूबर 2023 को सत्यापन के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को प्राप्त हुआ। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 31 अक्टूबर 2023 को अपर पुलिस महानिदेशक, कमजोर वर्ग अपराध अनुसंधान विभाग से गणेश पासवान उर्फ विरेन्द्र कुमार की जाति के सत्यापन के लिए जांच कराई। इसके बाद अपराध अनुसंधान विभाग ने 7 मार्च 2024 को मेयर की जाति से संबंधित जांच प्रतिवेदन सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराया। इसके बाद 21 मई 2024 को प्रधान सचिव के कार्यालय में इस संबंध में बैठक हुई, जिसमें डा. बी राजेंद्र प्रधान सचिव सामान्य प्रशासन विभाग सह अध्यक्ष, गौतम पासवान, अपर सचिव सह मनोनित पदाधिकारी, अनुसुचित जाति एवं अनुसुचित जनजाति कल्याण विभाग सह सदस्य व सिद्धेश्वर चौधरी अपर सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग सह सदस्य के अलावा मेयर गणेश पासवान उर्फ विरेन्द्र कुमार के मनोनित अधिवक्ता भी प्रतिनिधि के रूप में शामिल रहे। इसकी जांच रिपोर्ट 3 जून 2024 को आई, जिसमें यह स्पष्ट किया गया और उनकी जाति दुसाध (अनुसुचित जाति) के दावे को खारिज किया। इसके बाद श्यामदेव पासवान ने बताया कि जिलाधिकारी व नगर आयुक्त को पत्र देकर कोई कार्य ना कराने का अनुरोध किया है। 18 जून को राज्य निर्वाचन आयोग में सुनवाई होनी है। इस मौके पर वार्ड संख्या 13 के पार्षद राहुल कुमार, आकाश पासवान, संतोष ठाकुर, राजेन्द्र प्रसाद अधिवक्ता व अन्य लोग शामिल रहे।

आरोप निराधार, राजनिति के तहत कर रहे बदनाम

मेयर विरेन्द्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने कहा कि आरोप निराधार है। राजनिति के तहत इस तरह से हमे बदनाम किया जा रहा है। इसके पूर्व भी कई लोगों ने इस तरह का आरोप लगाया था, लेकिन जांच के बाद सच्चाई सामने आ गई। इस बार फिर लोग बदनाम कर रहे हैं। 18 जून को निर्वाचन आयोग में सुनवाई है। वहां अपने तथ्य को सामने रखेगें। इसके बाद स्पष्ट हो जाएगा। इस संबंध में हमारे पास एक नहीं कई साक्ष्य है जिसे निर्वाचन आयोग की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया जायेगा।

कोट

इस संबंध में कार्यालय में पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र में मेयर विरेन्द्र कुमार द्वारा कोई कार्य नहीं कराने का आग्रह किया गया है। इस संबंध में डीएम व विभाग से मार्गदर्शन मांगा गया है।

-अभिलाषा शर्मा, नगर आयुक्त

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