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26 नवंबर, 2020|4:22|IST

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महापूजा के बाद खुल गए गयाधाम के मंदिर

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कोरोना संकट में करीब ढाई माह तक लॉकडाउन में बंद गयाधाम के मंदिर सोमवार की सुबह महापूजा के बाद खुल गए।

पहला दिन होने के कारण मंदिर कमेटी में उत्साह रहा लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ कम रही। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन के गाइडलाइन के अनुसार, मंदिरों में व्यवस्था किए गए। मंदिरों के प्रवेश द्वार पर ही जरूर गाइड लाइन के पोस्टर चिपके दिखे। सबसे ज्यादा जोर मास्क, हाथ धोने और सोशल डिस्टेंसिंग पर रहा। विष्णुपद, मां मंगलागौरी, बगला स्थान, दु:खहरिणी सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। सभी मंदिरों में भीड़ काफी कम रही ।

मंदिरों में साफ-सफाई के अलावा सेनेटाइजेशन होते रहा।

विष्णुपद मंदिर चार सौ लोगों ने की पूजा

सोमवार की सुबह विष्णुपद मंदिर के गर्भगृह के द्वार पर सबसे पहले श्री गणेश की पूजा हुई। इसमें नारियल फोड़कर गर्भगृह का दरवाजा खोला गया। श्री विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति की ओर से महापूजा होने के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन के लिए प्रवेश शुरू हुआ। महापूजा में समिति के सचिव गजाधर लाल पाठक, सदस्य शंभू लाल विट्ठल, महेश लाल गुपुत, विवेक लाल भैया, मुन्ना लाल गुर्दा, दीपक हल व रामनाथ विट्ठल सहित अन्य मौजूद रहे।

सचिव श्री पाठक ने बताया कि पहले दिन भीड़ काफी कम रही।

करीब 400 लोगों ने दर्शन-पूजन किए। जबकि सामान्य दिनों दो से तीन हजार तक स्थानीय श्रद्धालु व तीर्थयात्री मंदिर में आते थे। थर्मल स्क्रीनिंग से जांच के बाद दूरी बनाकर लगी कतार सचिव ने बताया कि विष्णुपद मंदिर में प्रवेश से पहले थर्मल स्क्रीनिंग से तापमान की जांच की गई। इसके बाद प्रवेश मिलने पर अंदर दूरी बनाकर कतार लगी। सभा मंडप में बैरेकेडिंग के जरिए एक बार में दस श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश मिला। 5 मिनट के अंदर पूजा कराने के बाद निकास द्वार से निकाला गया।

अहले सुबह मंदिर की विशेष सफाई करायी गई। सेनेटाइज किया गया। सुबह में जिला प्रशासन की ओर से मंदिर का सेनेटाइज किया गया। जिला प्रशासन के गाइड लाइन को लेकर मंदिर के पुजारी व गार्ड से लेकर सफाईकर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

पांच-छह लोगों ने किया पिंडदान, अब विष्णुचरण पर एक पिंड छोड़ना होगा

मंदिर खुलने के पहले दिन करीब पांच-छह लोगों ने पिंडदान किया। इसमें उत्तर बिहार के अलावा झारखंड के भी लोग शामिल हुए। सभी ने दूरी बनाकर पिंडदान किया। सचिव ने बताया कि कोरोना संकट में अब विष्णुचरण पर एक ही पिंड छोड़ने का निर्देश देते हुए व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि जब तक दूसरे प्रदेशों के तीर्थयात्रियों का आना शुरू नहीं होगा तब विष्णुपद मंदिर सहित इलाके की रौनक नहीं बढ़ेगी।

मां मंगलागौरी मंदिर में कम रही भीड़

सोमवार की अहले सुबह पूजा के भस्मकूट पर्वत पर स्थित मां मंगलागौरी मंदिर के द्वार खोल दिए गए। कोरोना वायरस को लेकर साफ-सफाई, मास्क, सेनेटाइजेशन सहित सोशल डिस्टेंसिंग पर विशेष नजर रही। हालांकि लंबे समय बाद खुलने और सोमवार का दिन होने के कारण भीड़ काफी कम रही। जय मां मंगलागौरी प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शंकर प्रसाद , सचिव अमरनाथ गिरि व सलाहकार बंटी सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस को जिला प्रशासन के गाइडलाइन के अनुसार मंदिर में व्यवस्था की गई है। मास्क, थर्मल स्क्रीनिंग, सेनेटाइजेशन व सोशल डिस्टेसिंग के साथ अन्य बिंदुओं पर विशेष ध्यान रखा जा रहा। मंगलवार को विशेष सावधानी बरती जाएगी।

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  • Web Title:Temples of Gaya Dham opened after Mahapuja