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अल्पसंख्यक संस्थानों के अधिकारों में की जा रही छेड़छाड़

अल्पसंख्यक संस्थानों के संवैधानिक अधिकारों में छेड़छाड़ की जा रही है। जितनी सुविधाएं दूसरी संस्थानों को दी जा रही हैं, उतनी इसे नहीं मिल रही। इस पर मुकम्मल ध्यान नहीं है।

ये बातें मॉइनॉरिटी एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन फेडरेशन ऑफ बिहार के बैनर तले मिर्जा गालिब कॉलेज में रविवार को हुई अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के पदाधिकारियों की बैठक में एमजी कॉलेज के सेक्रेटरी कैसर सरफुद्दीन एडवोकेट ने नहीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान जो स्थिति है इससे शिक्षण संस्थानों को दिए गए विशेष दर्जे का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा।

फेडरेशन के सचिव जफर गनी ने कहा कि फेडरेशन अल्पसंख्यक कॉलेज व स्कूलों के अधिकारों के लिए संघर्ष करता रहेगा। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद इरशाद अली आजाद ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की बहाली और उनसे जुड़ी बहुत सारी समस्याओं को सुलझाना फेडरेशन की प्राथमिकता होगा।बैठक में फेडरेशन की अगली बैठक 16 सितंबर को बिहारशरीफ के सोगरा कॉलेज में आयोजित करने का फैसला लिया गया। बैठक में हादी हाशमी प्लस टू स्कूल के पूर्व प्राचार्य रागिब हसन को सर्वसम्मति से फेडरेशन का अध्यक्ष चुना गया। इस मौके पर फेडरेशन के अजमी बारी, मिर्जा गालिब कॉलेज के अध्यक्ष सुलेमान खान आजाद, उपसचिव शब्बी शम्सी, मसूर मंजर एडवोकेट, कॉलेज के प्राचार्य हफीजुर्रहमान खान, पूर्व प्रिंसिपल खुर्शीद अहमद खान, मोती करीमी, शकील अहमद व डा. एम एस खान आदि मौजूद थे। मंच का संचालन एमजी कॉलेज के प्राचार्य ने किया।

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  • Web Title:Tampering in the rights of minority institutions