वर्षो बीत जाने के बाद भी नहीं मिल पा रहा हॉस्टल
वर्षो बीत जाने के बाद भी नहीं मिल पा रहा हॉस्टलवर्षो बीत जाने के बाद भी नहीं मिल पा रहा हॉस्टलवर्षो बीत जाने के बाद भी नहीं मिल पा रहा हॉस्टलवर्षो बीत
अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने समस्याओं को लेकर सोमवार को प्राचार्य कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्राचार्य कार्यालय के बाहर एक सौ से अधिक की संख्या में छात्र एकत्रित होकर छात्रावास और मेस की मांग कर रहे थे। छात्रों ने बताया कि वर्ष 2022 से छात्रों को छात्रावास नहीं मिला है। इसके कारण कॉलेज कैंपस से बाहर किराये के मकान में करीब चार सौ से अधिक छात्रों को रहना पड़ रहा है। छात्राओं के लिए छात्रावास है। लेकिन, वह भी जर्जर स्थिति में है। किसी तरह छात्राएं उसमें रहने को विवश हैं।जर्जर भवन में चल रहा मेसमेडिकल के छात्रों ने बताया कि मेस के लिए जगह उपलब्ध नहीं है।
मजबूरन धनवंतरी छात्रावास में मेस चलाया जा रहा है। इस भवन को जर्जर घोषित कर दिया गया है। उसके बरामदे और सीढ़ी के नीचे मेस चल रहा है। भोजन करते समय वहां कुत्तों का जमावड़ा रहता है। दिन में मक्खी और शाम में मच्छरों से परेशानी होती है। वैसे में यहां एक चौकी पर बैठकर खाना खाने को मजबूरी है। आंधी-पानी के समय और परेशानी होती है।चार वर्षों से छात्रावास नहीं मिला हैवर्ष 2024 बैच के मेडिकल छात्र तनु ने कहा कि हमलोगों के अलावा वर्ष 2022 व 2023 के सीनियर और 2025 के जूनियर छात्रों को भी छात्रावास नहीं मिल पाया है। प्रत्येक बैच में 120 छात्र हैं। वर्ष 2022 के कुछ सीनियर एक जर्जर छात्रावास में रह रहे हैं जो कभी भी गिर सकता है। मजबूरी में जर्जर छात्रावास में रहने को विवश हैं। जब भी प्राचार्य को पत्र देते हैं, यही आश्वासन मिलता है कि ठीक है। इस पर विचार किया जाएगा। लेकिन, अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।क्लास रूम की भी हालत ठीक नहींछात्रों ने बताया यहां एक समस्या हो तो कहा जाए। क्लाम रूम की हालत भी ठीक नहीं है। इसके कारण लैब में क्लास करते हैं। इसके अलावा परिसर में सड़कों की हालत ऐसी है कि थोड़ी सी बारिश में भी चलना मुश्किल हो जाता है। सड़कों पर पानी और कीचड़ भर जाता है। यहां बाहरी लोगों का आवागमन बिना रोक-टोक होता है। इसके कारण मेडिकल की छात्राएं असुरक्षित महसूस करती हैं।कोटअनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज परिसर में सड़क की हालत ठीक नहीं है। नालियों में कचरा भरा है, जिसके कारण हमेशा जाम की समस्या रहती है। ऐसा लगता है कि यहां हम डॉक्टर बनने नहीं बल्कि मरीज बनने आए हैं।- अमित कुमार, मेडिकल छात्र।चार साल से सिर्फ यहां आशवासन ही मिलता रहा है। न छात्रावास मिला और न ही मेस की अच्छी व्यवस्था हो पाई है। धीरे-धीरे और हालत खराब होते जा रही है। हमलोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कोई हमारी बातों को सुनने वाला नहीं है।- तन्नु, मेडिकल छात्र।मेहनत करके यहां आया तो लगा कुछ तो बेहतर होगा। लेकिन, यहां खंडहर में रहना पड़ रहा है। हमलोग के हॉस्टल की हालत खराब है। कब गिर जायेगा पता नहीं है। हमेशा असुरक्षित महसुस करते हैं।-श्वेता कुमारी, मेडिकल छात्रा।हॉस्टल आने-जाने के रास्ते भी जर्जर हैं। बाहरी लोग यहां आते रहते हैं, जिससे छात्राएं असुरक्षित महसूस करती हैं। हमलोगों की जो जरूरत हैं वह पूरी होनी चाहिए।- आर्या, मेडिकल छात्रा।कोटअनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज परिसर में छात्रावास की कमी है। पहले से बने छात्रावास जर्जर स्थिति में हैं। जब तक नये भवन नहीं बन जाते तब तक छात्र-छात्राओं को हॉस्टल आवंटन नहीं किया जा सकता। इस संबंध में प्राचार्य ने विभाग को कई बार पत्र लिखा है। लेकिन, अब तक कोई पहल नहीं की गई।- डॉ. संजय नाग, प्रभारी प्राचार्य, अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज, गया।
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