वंशावली में 'मृत' लिखा होगा तो वह माना जाएगा मृत्यु प्रमाण
वंशावली में 'मृत' लिखा होना अब मृत्यु प्रमाण पत्र माना जाएगा। राजस्व महाअभियान के तहत इस प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिसमें मुखिया-सरपंच के हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र बनाया जाएगा। यह अभियान 16 अगस्त...

वंशावली में 'मृत' लिखा होगा तो वह माना जाएगा मृत्यु प्रमाण राजस्व महाअभियान में मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया की गई सरल मुखिया-सरपंच के हस्ताक्षर से बनेगा मृत्यु प्रमाण पत्र गया जी, प्रधान संवाददाता वंशावली में मृत लिखा होना मत्यु का प्रमाण पत्र माना जाएगा। राजस्व एवं भूमि सुधार ने राजस्व महाअभियान के दौरान उत्तराधिकारी एवं बंटवारा आधारित नामांतरण को सुगम बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। महाअभियान 16 अगस्त से शुरू होकर 20 सितंबर तक चलेगा। गया जी के डीएम शशांक शुभंकर ने अपर समाहर्ता, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता और सभी अंचलाधिकारी को निर्देश दिया है कि जो सरल प्रक्रिया अपनायी जा रही है उसके अनुरूप काम करें।
बताया गया कि दस अगस्त को पंचायत प्रतिनिधियों के संघों की बैठक राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान पटना में हुई थी। इस बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों की सलाह के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया सरल बनायी गई है। बताया गया कि कई मामलों में रैयत या जिनके नाम से जमाबंदी है। जिसकी मृत्यु वर्षों पहले हो चुकी है। उनका मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में तत्काल प्रमाण पत्र बनवाना आसान नहीं है। राजस्व महाअभियान के दौरान ऐसे मामलों में उनके उत्तराधिकारी सफेद कागज पर स्व-घोषणा पत्र देकर पंचायत के मुखिया या सरपंच के हस्ताक्षर से अभिप्रमाणित कराए जाने पर उसे मान्य किया जाएगा। इसके अलावा यदि वंशावली में किसी सदस्य के नाम के साथ ‘मृत लिखा है, तो उसे भी प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा। डीएम ने कहा कि इस निर्णय से पुराने लंबित नामांतरण और बंटवारा मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। सभी अंचलाधिकारी को इस निर्देश अनुसार काम करने को कहा गया है।
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