भीषण गर्मी का दिखने लगा असर बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढी

हिन्दुस्तान, गया
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भीषण गर्मी का दिखने लगा असर बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढीभीषण गर्मी का दिखने लगा असर बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढीभीषण गर्मी का दिखने लगा

भीषण गर्मी का दिखने लगा असर बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढी

जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। ऐसे में लोगों को बेवजह दोपहर में ना निकलने की हिदायत दी गयी है। अस्पतालों में भी भीषण गर्मी का असर दिखने लगा है। यहां बुखार और डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। जयप्रकाश नारायण अस्पताल में फिजिशियन के पास आने वाले मरीजों में लगभग 25 से 30 फीसदी बुखार से ग्रसित आ रहे हैं। इसके अलावा सिर दर्द व उल्टी की भी समस्या दिख रही है। ओपीडी से इमरजेंसी तक में बढ़ी ऐसे मरीजों की संख्या

गर्मी के कारण बढ़ते मरीज

अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. कमलेश कुमार ने बताया कि गर्मी बढने के कारण अस्पताल में भी हीट एग्जॉशन के मरीज बढ़े हैं। बुखार व डीहाइड्रेशन की समस्या से ग्रसित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। यहां आने वाले मरीजों में लगभग दस से 20 फीसदी इस तरह के मरीज आ रहे है।

तीन दिन तक रह रहा बुखार

जेपीएन अस्पताल के फिजिशियन डॉ. हेमंत कुमार ने बताया कि उनके पास इलाज कराने आये मरीजों में 25 से 30 फिसदी बुखार व डीहाइड्रेशन की समस्या से ग्रसित आ रहे है। जिन्हें स्वस्थ होने में तीन दिन लग जा रहा है। हीट एग्जॉशन यानी अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर में पानी और नमक की कमी के मामले तेजी से बढ़ते हैं। यह स्थिति लू से ठीक पहले की गंभीर अवस्था है। इसमें अत्यधिक पसीना आना और कमजोरी महसूस होना। चक्कर आना, सिरदर्द या उल्टी जैसा लगना। त्वचा का ठंडा, पीला या चिपचिपा होना। दिल की धड़कन तेज होना और मांसपेशियों में ऐंठन होता है।

ऐसे लक्ष्ण आने पर यह करें उपाय

डॉ. हेमंत कुमार ने बताया कि अगर इस तरह के लक्ष्ण दिखता है तो मरीज को तुरंत धूप से हटाकर छांव या एसी वाले कमरे में ले जाएं। उसे धीरे-धीरे ओआरएस का घोल, नींबू पानी या ठंडा पानी दें। शरीर को ठंडा करें। कपड़े ढीले करें और गीली पट्टी या स्पंज से पूरे शरीर को पोछें। यदि मरीज को होश न हो, वह उल्टी कर रहा हो या शरीर का तापमान 104 से ऊपर चला जाए, तो यह हीट स्ट्रोक हो सकता है। ऐसे में बिना देरी किए तुरंत अस्पताल ले जाएं।

आइस पैक सहित दवा की है व्यवस्था

मेडिकल उपाधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार अग्रवाल ने बताया कि मगध मेडिकल में वर्तमान समय में तीन मरीज प्री फैबरिकेटेड वार्ड में बनाये गये हीट स्ट्रोक वार्ड में भर्ती हैं। सभी के स्वास्थ्य में सुधार है। उन्होंने बताया कि यहां ऐसे मरीजों के लिए विशेष तैयारी की गयी है। यहां आइस पैक से लेकर सभी प्रकार की आवश्यक दवाएं व ओआरएस भी प्रयाप्त मात्रा में उपलब्ध है।

सामान्य प्रश्न

गर्मी के कारण कितने प्रतिशत मरीज बुखार से ग्रसित हैं?
जेपीएन अस्पताल में लगभग 25 से 30 फीसदी मरीज बुखार से ग्रसित आ रहे हैं।
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