गैस एजेंसी बंद, 80 से ज्यादा स्कूलों में एमडीएम व्यवस्था चरमराई
दोबारा प्रेषित गैस एजेंसी बंद, 80 से ज्यादा स्कूलों में एमडीएम व्यवस्था चरमराई 20 हजार बच्चों के एमडीएम पर संकट, जुगाड़ के भरोसे रसोई कहीं निजी स

शेरघाटी प्रखंड के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में एमडीएम योजना इन दिनों जुगाड़ के सहारे चल रही है। गैस आपूर्ति ठप होने के कारण अधिकांश स्कूलों में शिक्षक अपने निजी गैस सिलेंडरों से बच्चों के लिए भोजन तैयार करवा रहे हैं, जबकि कुछ स्कूलों में अब भी लकड़ी के सहारे खाना बनाया जा रहा है। शेरघाटी के स्कूलों में बंद है एलपीजी गैस की सप्लाईशेरघाटी प्रखंड के 85 में से करीब 80 स्कूलों को गुरुआ की निर्मल गैस एजेंसी द्वारा गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया था, हालांकि एजेंसी के वर्षों से बंद रहने के कारण स्कूलों में गैस की नियमित आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई है।काजी
मोहल्ला स्थित उर्दू मॉडल मिडिल स्कूल के प्रधानाध्यापक अजय देव बताते हैं कि पिछले दो वर्षों में उनके स्कूल में दो बार चोरी की घटनाएं हुईं, जिसमें गैस सिलेंडर, चूल्हा और बर्तन तक चोरी हो गए। ऐसी स्थिति में उन्हें अपने घर से सिलेंडर लाकर बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन बनवाना पड़ रहा है। रमना स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्रवण कुमार ने बताया कि स्कूल में एमडीएम बनाने के लिए उन्हें अपना निजी गैस सिलेंडर इस्तेमाल करना पड़ रहा है।क्या कहते हैं जिम्मेवारशेरघाटी बीआरसी के अकाउंटेंट बृजकिशोर ठाकुर के अनुसार प्रखंड के चिताब मिडिल स्कूल सहित कम से कम चार स्कूलों में गैस सिलेंडर नहीं होने के कारण लकड़ी से भोजन बनाया जा रहा है।हालांकि शेरघाटी के एमडीएम समन्वयक कृष्णकांत का कहना है कि उन्हें अभी तक यह स्पष्ट रिपोर्ट नहीं मिली है कि गैस की कमी के कारण कितने स्कूलों में लकड़ी पर भोजन बनाया जा रहा है। शेरघाटी के स्कूलों में 20 हजार बच्चे नामांकित हैं।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


