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25 फरवरी, 2020|2:54|IST

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एसबीपीडीसीएल ने बिजली दर बढ़ाने का दिया प्रस्ताव

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आगामी वित्तीय वर्ष में बिजली की कीमत निर्धारित करने के लिए विद्युत विनियामक आयोग ने शनिवार को बैठक हुई। कलेक्ट्रेट में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की ओर से दर निर्धारित करने के लिए दिए गए याचिका पर आयोग के अधिकारियों ने सुनवाई की। आयोग के अध्यक्ष एस के नेगी, सदस्य आर के चौधरी व राजीव अमित ने याचिका की बिंदुवार समीक्षा की। बैठक में एसबीपीडीसीएल ने याचिका में शहरी क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सभी श्रेणियों में नियत शुल्क 40 से बढ़ाकर 46 रुपए प्रति किलोवाट प्रतिमाह बढ़ाने का प्रस्ताव दिया। राजस्व आवश्यकता की पूर्ति के लिए सभी प्रकार के बिजली उपभोक्ताओं के नियत शुल्क में वृद्धि का प्रस्ताव दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में नियत शुल्क को 30 से बढ़ाकर 36 रुपए प्रति किलोवाट हरेक माह करने का दिया प्रस्ताव दिया गया। एलटीआईएस -वन का नियत शुल्क 144 से बढ़ाकर 175 रुपए व टू में 180 से बढ़ाकर 219 रुपए प्रति केवीए करने का सुझाव दिया।

बैठक में विद्युत उपभोक्ता संघर्ष समिति के सचिव बृजनंदन पाठक ने एसबीपीडीसीएल द्वारा दी गई याचिका का बिंदुवार विरोध किया। कहा कि नियत शुल्क बढ़ाना जनहित में नहीं है। यह अव्यवहारिक है। श्री पाठक ने विरोध करते हुए कहा कि विद्युत भुगतान अधिभार 1.25 से बढ़ाकर 1.5 फीसदी प्रतिमाह करने का प्रस्ताव दिया गया। कोई भी उपभोक्ता लाचारी में ही बिल का भुगतान नहीं कर पाता है। इस कारण भुगतान अधिभार में वृद्धि करने का प्रस्ताव को अमान्य किया जाना जरूरी है। इस तरह कुलाकर 21 बिंदुओं का विरोध किया गया है।

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  • Web Title:SBPDCL proposed to increase electricity rate