अधिक दाम पर उर्वरक बिक्री के आरोप में 12 दुकानों के लाइसेंस रद्द
संसोधित: -खाद की कालाबाजारी के खिलाफ कृषि विभाग ने की कार्रवाई -जिले में

खरीफ मौसम की शुरुआत के साथ ही जिले में यूरिया समेत विभिन्न उर्वरकों की मांग तेजी से बढ़ेगी। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने अभी से ही निगरानी और कार्रवाई दोनों तेज कर दी है।
खाद दुकानों का निरीक्षण
जिला कृषि पदाधिकारी संजीव कुमार के नेतृत्व में बुधवार को जिले के फतेहपुर, बेलागंज सहित विभिन्न प्रखंडों में खाद दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिक मूल्य पर उर्वरक बेचने के आरोप में 12 खाद प्रतिष्ठानों के पीओएस मशीन जब्त कर उनकी उर्वरक अनुज्ञप्ति रद्द कर दी गई है।
उर्वरकों की जांच और निष्पादन
इनमें बेलागंज के पासवान खाद भंडार, बालाजी कृषि केंद्र, बोधगया के श्री सत्या ट्रेडर्स, डोभी के मां इन्टरप्राईजेज, खिजरसराय के अजीत ट्रेडर्स, टनकुप्पा के कमलेश खाद भंडार, इमामगंज के संतोष इन्टरप्राइजेज व राय ट्रेडर्स, गुरारू के अंकित राज, बांकेबाजार के बांकेबाजार महिला विकास प्रोड्यूसर कंपनी-लिमिटेड, मोहनपुर के कौशल्या इन्टरप्राईजेज और फतेहपुर के हरिहर ट्रेडर्स शामिल है। इसी तरह अनियमितता की शिकायत पर की गई जांच में किशोरी इंटरप्राइजेज, टिकारी, किसान बीज भंडार, नगर और सोना ट्रेडर्स, परैया की उर्वरक अनुज्ञप्ति निलंबित कर दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक वितरण में अनियमितता या किसानों के शोषण की किसी भी शिकायत पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उर्वरकों का भंडार
यूरिया सहित किसी भी उर्वरक की नहीं है कमी
जिले में वर्तमान में यूरिया सहित सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडार है। किसानों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। जिला कृषि पदाधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि जिले में फिलहाल करीब 12 हजार 992 मीट्रिक टन यूरिया, तीन हजार 491 मीट्रिक टन डीएपी, आठ हजार 913 मीट्रिक टन एनपीके, छह हजार 529 मीट्रिक टन एसएसपी और 11 सौ 71 मीट्रिक टन एमओपी उपलब्ध है। डीएपी की बढ़ती मांग को देखते हुए किसानों से अन्य मिश्रित उर्वरकों के उपयोग पर भी जोर दिया गया है।
उर्वरकों का वितरण
जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि उर्वरक वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसानों को सुगमता से खाद उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न प्रखंडों में उपलब्ध उर्वरकों का नियमित भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। साथ ही किसानों से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन भी सुनिश्चित किया जा रहा है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें।
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