Gaya News: पेपरलेस निबंधन से सैकड़ों कातिब व दुकानदारों की फीकी कटेगी रक्षाबंधन का त्योहार
Gaya News: पेपरलेस निबंधन से सैकड़ों कातिब व दुकानदारों की फीकी कटेगी रक्षाबंधन का त्योहार पेपरलेस निबंधन से सैकड़ों कातिब व दुकानदारों की फीकी कटेगी रक्षाबंधन का

Gaya News: जमीन,मकान या फ्लैट की रजिस्ट्री को लेकर पेपरलेस निबंधन की व्यवस्था की गई है। पेपरलेस निबंधन का विरोध जिले भर के वसीका नवीस कर रहे हैं। कातिबों के विरोध के कारण जिले भर में निबंधन का काम करीब-करीब ठप पड़ा है। जिले के करीब पांच सौ वसीका नवीस से लेकर रजिस्ट्री ऑफिस के आसपास के दो सौ अधिक दुकानदारों की आमदनी भी ठप पड़ी है। ऐसी स्थिति में इस बार इनलोगों का रक्षाबंधन का त्योहार फीका रहेगा। जिला अवर निबंधन (सदर) कार्यालय और टिकारी अवर निबंधन कार्यालय में 17 और शेरघाटी व नीमचकबथानी कार्यालय में तो 3 अगस्त से ही पेपरलेस निबंधन का सिस्टम लागू किया गया है। तब से सभी निबंधन कार्यालयों में सन्नाटा पसरा है। जिले के 500 वसीका नवीस और दुकानदारों की रोजी-रोटी पर आफत
वसीका नवीसों की परेशानी
करीब 11 दिनों से निबंधन के काम से अपने को अलग रखने वाले 500 कातिबों के समक्ष रोजी-रोटी की आफत हो गयी है। बिहार दस्तावेज नवीस संघ जिला शाखा के अध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद व सचिव राकेश कुमार ने बताया कि अपनी हितों की रक्षा के लिए वसीका नवीस काम नहीं कर रहे हैं। स्थिति है कि दिन व दिन कातिबों की आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। आजीविका को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है। विभाग व सरकार से पेपरलेस निबंधन को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। 31 अगस्त को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई होगी। वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए वसीका नवीसों की हितों की रक्षा के लिए 31 अगस्त का असहयोग आंदोलन जारी रहेगा। 31 अगस्त के बाद आगे की रणनीति तय होगी। रजिस्ट्री ऑफिस के पास के दुकानदार रंजीत कुमार व पवन कुमार ने बताया कि दुकान बंद रहने से आमदनी ठप हो गई है। आर्थिक स्थिति चरमरा गयी है। रक्षाबंधन का त्योहार कैसे मनाएंगे समझ में नहीं आ रहा है। सरकार व विभाग को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
रजिस्ट्री की स्थिति
सदर निबंधन कार्यालय में 11 दिनों में महज नौ जमीन की हुई है रजिस्ट्री
जिला अवर निबंधन कार्यालय में 11 दिनों से सन्नाटा पसरा है। पिछले तीन-चार दिनों में करीब 11 जमीन के दस्तावेजों का पेपरलेस निबंधन (सेल डीड) हुआ है। जबकि पेपरलेस से पहले एक दिन में औसतन 100 से लेकर 120 तक डीड का निबंधन होता था। औसतन हर दिन जिले में करीब 80 से 90 लाख रुपए का राजस्व बाधित है। जिला अवर निबंधक सोमेश्वर कुमार ने बताया कि कुछ लोग पेपरलेस निबंधन कराने आ रहे हैं। गुरुवार को भी दो दस्तावेजों का निबंधन हुआ है।


