गया जी सहित बिहार में छोटे व मध्यम ग्रामोद्योगों को मिलेगा प्रोत्साहन : मांझी
गया जी सहित बिहार में छोटे व मध्यम ग्रामोद्योगों को मिलेगा प्रोत्साहन : मांझी खादी,

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के माध्यम से गया सहित पूरे बिहार में छोटे और मध्यम स्तर के ग्रामोद्योगों को प्रोत्साहन देने की मुहिम तेज कर दी गई है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने हिन्दुस्तान संवाददाता को विशेष तौर पर बताया कि बड़े उद्योगों की बजाय छोटे, कुटीर और ग्रामोद्योगों को बढ़ावा देकर बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने और महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि खादी, कला, कृषि और वानिकी आधारित ग्रामोद्योगों के विस्तार से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मंत्रालय की योजना है कि गांवों में रहने वाले लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्थानीय मॉडल विकसित कर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जाए। खिजरसराय में बन रहा अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर गया जिले के खिजरसराय में बिहार का पहला टेक्नोलॉजी सेंटर बनाया जा रहा है। लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले इस केंद्र में उन्नत तकनीक आधारित उत्पादन होगा। यहां तक कि मिसाइल और अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़े उपकरणों के निर्माण की संभावना है। इस परियोजना से करीब 5000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा तथा आसपास टाउनशिप भी विकसित की जाएगी। बोधगया में एससी-एसटी हब, युवाओं को सस्ता ऋण मंत्री ने बताया कि बोधगया में राज्य का पहला एससी-एसटी हब कार्यालय खोला गया है। इसके माध्यम से अनुसूचित जाति एवं जनजाति के युवाओं को उद्यमिता प्रशिक्षण, रोजगार संबंधी मार्गदर्शन और बैंकों से रियायती दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे कुटीर एवं लघु उद्योग स्थापित कर सकें।साथ ही नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत जरूरतमंद कारीगरों को 15 हजार रुपये का टूलकिट उपलब्ध कराया जा रहा है। एक लाख रुपये तक का ऋण बिना गारंटी दिया जा रहा है, जबकि सफल लाभार्थियों को 4 प्रतिशत ब्याज दर पर दो लाख रुपये तक का ऋण लेने की सुविधा भी मिलेगी। इंस्पिरेशनल सेंटर से बढ़ेगा स्वरोजगार बोधगया में एक इंस्पिरेशनल सेंटर की स्थापना की गई है और गया सहित बिहार के सात जिलों में ऐसे केंद्र खोले जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण देकर उद्योग-धंधों से जोड़ा जाएगा। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संयुक्त नेतृत्व में बिहार में विकास की गति तेज हुई है। मंत्रालय का लक्ष्य है कि छोटे-छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित कर राज्य को अधिक आत्मनिर्भर बनाया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं।
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