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गया

बीडीओ-सहित अन्य अधिकारी रहे परैया प्रखंड मुख्यालय में : डीएम

हिन्दुस्तान टीम,गयाPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 07:50 PM
बीडीओ-सहित अन्य अधिकारी रहे परैया प्रखंड मुख्यालय में : डीएम

परैया । एक संवाददाता

जिला पदाधिकारी अभिषेक सिंह व उनके साथ आये पदाधिकारियों के दल ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय के अलावा अस्पताल का गुरुवार को निरीक्षण किया। इसमें कर्मियों की उपस्थिति पंजी के अलावा विभिन्न कल्याणकारी योजना की जांच भी की। इसको लेकर सबसे पहले कार्यालय में अभिलेख की सघन जांच हुई।

जिसके बाद धरातलीय जांच के लिए जिला पदाधिकारी करहट्टा के सुढनी गांव पहुंचे। यहां उन्होंने सात निश्चय योजना अंतर्गत हर घर नल का जल और नली गली योजना की जांच की। इसको लेकर ग्रामीणों से भी जानकारी ली गयी। नल जल योजना पर जहां सभी ने संतोष व्यक्त किया। वहीं गांव की गलियों में जमा वारिस का गंदा पानी और कच्ची नालियों की जर्जरता ने योजना की स्थिति जाहिर कर दी। टीम में रही ट्रेनी आईएएस कुमारी अनुपमा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया।

परिसर में गंदगी के अलावा प्रसव कक्ष में लिफ्टिंग बेड को खराब देखकर पदाधिकारी ने फटकार लगाई। इन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और स्वास्थ्य प्रबंधक को व्यवस्था में जल्द सुधार करने का निर्देश दिया। अस्पताल में कोरोना जांच व टीकाकरण की जानकारी पदाधिकारी ने ली। इससे बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ।

कोरोना जांच को आये एक व्यक्ति की एक ही दिन रैपिड एंटीजन के साथ आरटी-पीसीआर जांच को गलत बताया गया। जबकि जिला से निर्धारित कोटा को पूरा करने के लिए इस व्यवस्था को लागू करने की बात अस्पताल प्रभारी व प्रबंधक ने बताई। इसको लेकर ट्रेनी आईएस ने इसे पूरी तरह गलत बताते हुए व्यवस्था बदलने को कहा। इसके अलावा मनरेगा में जल जीवन हरियाली अंतर्गत पौधारोपण, रूफ वाटर हार्वेस्टिंग, कुआं व अन्य जलाश्य का जीर्णोद्धार सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा भी की गई। जिला पदाधिकारी ने अंचल कार्यालय में वर्ष 2019 से रिकॉर्ड अपडेट नहीं रहने पर कार्यवाई की चेतावनी दी।

साथ ही बीडीओ अरुण कुमार निराला, सीओ निर्मल राम, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ ज्ञानी गौरव कुमार, स्वास्थ्य प्रबंधक विजय कुमार सहित अन्य कर्मियों को प्रखंड मुख्यालय में रहने का सख्त निर्देश दिया। इसको महीने भर के अंदर सुनिश्चित करने का निर्देश डीआरडीए निदेशक को दिया हुआ। डीएम अभिषेक सिंह के नेतृत्व में आये जांच टीम में ट्रेनी आईएएस कुमारी अनुपमा, डीआरडीए निदेशक संतोष कुमार, डीपीआरओ सुनील कुमार, वरीय उपसमाहर्ता अभिषेक कुमार, सीनियर डिप्टी कलेक्टर अमित रंजन के अलावा जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी सहित सभी ने समीक्षा बैठक की।

इसके बाद प्रखंड कार्यालय परिसर में पौधरोपण किया गया। इसमें सभी पदाधिकारी ने एक पौधा लगाया। जिला पदाधिकारी के समक्ष स्थानीय व्यवसायियों के द्वारा बाजार में जल जमाव की समस्या को रखा गया। जिसको लेकर सड़क निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता से बात कर निदान का आश्वासन पदाधिकारी ने दिया।

ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आवश्यक

बेलागंज।एक संवाददाता

देश के आजादी और किसान आंदोलन से जुड़े एतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने में सरकार और समाज की नैतिक जिम्मेदारी है। अबतक दोनों आंदोलन का सबसे प्रमुख स्थल दक्षिण बिहार का नेयामतपुर आश्रम के हालात को देखकर प्रतीत नही होता है।जबकि, इस आश्रम और आश्रम के संस्थापक पंडित यदुनंदन शर्मा पर आज भी देश विदेश में छात्र शोध कर रहे हैं। लेकिन, यहां आने के बाद शोधकर्ताओं को बंजर भूमि के अलावा कुछ नही मिलता जो काफी दुखद है। ये बातें पंडित यदुनंनदन शर्मा पर केंद्रीय विश्वविद्यालय, दक्षिण बिहार के शोधकर्ता नचिकेता वत्स और आयुष आनंद ने अपने शैक्षणिक भ्रमण के दौरान आश्रम के वर्तमान स्थिति पर गुरुवार को कहीं। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं की पहल से आश्रम और इसके गौरवशाली इतिहास को जीवंत करने का प्रयास सराहनीय है। किंतु केन्द्र और राज्य सरकार को भी देश के प्रमुख स्थलों में शुमारा यह आश्रम जहां सन-1933 से लेकर आजादी के बाद तक देश के महापुरुषों का शरणस्थली रहा,फिरंगियों के खिलाफ रणनीतिकारो का गढ़ माना जाता है। उसे संरक्षित करना चाहिए। ताकि आने जाने वालों के साथ साथ आने वाले पीढ़ियों को ऐतिहासिक महत्व की जानकारी प्राप्त हो और उससे प्रेरणा लें सकें।नेशनल हाईवे और रेलवे लाइन से सटे इस ऐतिहासिक स्थल में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं।आश्रम के संयोजक रविशंकर कुमार ने दोनों शोधार्थियों को आश्रम और पंडित शर्मा के बारे विस्तार से जानकारी दी।

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