Gaya News: निगम कर्मियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था ठप
Gaya News: निगम कर्मियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था ठप सड़कों पर से नहीं उठा कचरा राज्यव्यापी हड़ताल के समर्थन में गया नगर निगम के करीब 3 हजार कर्मी क
Gaya News: राज्यस्तरीय हड़ताल के आह्वान पर गुरुवार को गया नगर निगम के सफाई कर्मियों ने कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया। हड़ताल के कारण शहर के विभिन्न वार्डों, प्रमुख सड़कों और मोहल्लों से कचरे का उठाव नहीं हो सका। सुबह से ही नगर निगम की एक भी कचरा उठाने वाली गाड़ी स्टोर से बाहर नहीं निकली। इससे कई स्थानों पर कचरे का अंबार लगना शुरू हो गया। सुबह में नगर निगम स्टोर परिसर में हुए एकत्र, निकाली रैली
संयुक्त समन्वय समिति की बैठक
ऑल इंडिया म्युनिसिपल वर्कर्स एसोसिएशन, बिहार लोकल बॉडीज एम्पलाइज फेडरेशन और स्थानीय निकाय के बैनर तले गठित संयुक्त समन्वय समिति के नेतृत्व में निगम कर्मियों ने हड़ताल में भाग लिया। सुबह सभी कर्मी नगर निगम स्टोर परिसर में एकत्र हुए, जहां से रैली निकाली गई। रैली तेल बिगहा नई गोदाम, जीबी रोड होते हुए नगर निगम कार्यालय पहुंची। जहां प्रदर्शन के बाद सभा आयोजित की गई।
Regular Employment के लिए मांग
ठेका प्रथा समाप्त कर नियमित बहाली की मांग की
सभा को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय मंत्री डॉ. कुमार जितेंद्र, प्रदेश अध्यक्ष शिव वचन शर्मा, अध्यक्ष संजीत सिंह, जिला सचिव जियालाल, सुजीत कुमार, शंकर ठाकुर और सुमन सिंह सहित अन्य नेताओं ने कर्मियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से निगम कर्मी ठेका प्रथा, अस्थायी नियुक्ति और अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने सरकार से ठेका प्रथा समाप्त कर सभी कर्मियों को नियमित सेवा में समायोजित करने, लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करने तथा कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की।
सरकार को चेतावनी
कार्यान्वयन का निर्णय नहीं लेने पर जारी रहेगी हड़ताल
सभा में निर्णय लिया गया कि जब तक तीन सूत्री मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। दोपहर करीब 12 बजे सभा समाप्त होने के बाद सभी कर्मियों ने शुक्रवार को पुनः नगर निगम स्टोर परिसर में एकत्र होने की घोषणा की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि गुरुवार शाम तक सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई तो शुक्रवार दोपहर से शहर की जलापूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित की जा सकती है।
लोगों को परेशानियों का सामना
कचरा नहीं उठने से लोगों की हुई परेशानी
हड़ताल का सबसे अधिक असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा। वार्डों में कचरा नहीं उठने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यदि हड़ताल लंबी चली तो शहर में स्वच्छता और जनस्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी गहरा सकती हैं।


