पंचायत स्तरीय जांच टीम खाद उपलब्धता की निगरानी करेगी

पंचायत स्तरीय जांच टीम खाद उपलब्धता की निगरानी करेगी

संक्षेप:

गया कलेक्ट्रेट में जिला उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में पंचायत स्तरीय जांच टीम खाद की उपलब्धता की निगरानी करेगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने निर्देश दिया कि चना बीज की गुणवत्ता की समस्या पर कार्रवाई की जाएगी। फसल क्षति मुआवजे की जानकारी दी गई और खाद वितरण में अनियमितता के खिलाफ भी कदम उठाए गए।

Dec 11, 2025 05:59 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गया
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पंचायत स्तरीय जांच टीम खाद उपलब्धता की निगरानी करेगी गया कलेक्ट्रेट में जिला उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा चना बीज की गुणवत्ता पर विधायक ने उठाया सवाल - निर्देश गया जी, प्रधान संवाददाता जिले में पंचायत स्तरीय जांच टीम खाद उपलब्धता की निगरानी करेगी। किसी प्रकार की समस्या आने पर उनकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार को गया कलेक्ट्रेट में उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने यह निर्देश दिया। पंचायत स्तर पर किसान सलाहकार और कृषि समन्वयकों को प्रखंड और पंचायतों के उर्वरक विक्रेताओं से टैग किया जाएगा।

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बैठक में उपस्थित अतरी विधायक रोमित कुमार ने कहा कि चना बीज की गुणवत्ता की शिकायत मिल रही है। जिला कृषि पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को वितरित किए जा रहे बीज का लॉट वार नमूना लेकर विश्लेष्ण किया जा रहा है। गुणवत्ता की शिकायत होने पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी, जिला परिषद उपाध्यक्ष शीतल प्रसाद यादव और कई विधायकों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बताया गया कि जिले में जिले में यूरिया, डीएसपी सहित अन्य उर्वरक उपलब्ध हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की समस्या हो तो हेल्प लाइन 1551 पर कॉल कर सकते हैं। उन्होंने इस नंबर के व्यापक प्रचार प्रसार का सुझाव दिया। डीएम ने सभी प्रखंड स्तरीय कार्यालयों में नंबर को प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। 33 फीसदी से ज्यादा फसल खराब होने पर क्षतिपूर्ति बैठक में प्रतिनिधियों ने फसल क्षति मुआवजे के बारे में जानकारी ली। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि बीडीओ से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर क्षतिपूर्ति की जा रही है। डीएम शशांक शुभंकर ने बताया कि वैसी पंचायतों को ही फसल मुआवजा का प्रावधान है जिनकी क्षति का रकवा कुल फसल क्षेत्र का 33 फीसदी से अधिक हो। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों के विक्रेताओं के पास दिसंबर और जनवरी में खाद की उपलब्धता रहे यह सुनिश्चित करें। कृषि पदाधिकारी समय समय पर जिला स्तरीय सहायक निदेशक, सहायक निदेशक पौधा संरक्षण, अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से थोक खाद विक्रेताओं के स्टॉक का सत्यापन कराना चाहिए। दो प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राथमिकी समीक्षा में बताया गया कि अबतक 389 उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया है। खाद वितरण में अनियमितता को लेकर दो प्रतिष्ठानों के प्राथमिकी दर्ज कराई गई और 16 दुकानों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। जिले में उर्वरक उपलब्ध नही कराने वाली खाद कंपनी मे. ब्रहमपुत्र फर्टिलाईजर्स केमिकल लि. के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। खाद की समस्या होने पर इन नंबरों पर करें शिकायत सहायक निदेषक (षश्य)- 9470803717 सहायक निदेषक (षश्य), बीज विष्लेषण प्रयोगशाला- 9117184060 सहायक निदेषक (षश्य), जिला कृषि विपणन पदाधिकारी-9162624811