संवेदनशील गवाहों की सुरक्षा करेगा वीडब्ल्यूडीसी
-डरे-सहमे गवाहों की गवाही शांतिपूर्ण वातावरण में कराई जा सकेगी -गवाही को सुरक्षित और

गया न्यायमंडल में संवेदनशील गवाहों की गवाही को सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए गुरुवार को सिविल कोर्ट सभागार में बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी प्रधान जिला जज सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार शशिकांत ओझा ने की। उन्होंने कहा कि संवेदनशील गवाह बयान केंद्र (वीडब्ल्यूडीसी) के माध्यम से डरे-सहमे गवाहों की गवाही शांतिपूर्ण वातावरण में कराई जा सकती है, जिससे वे स्वयं को सुरक्षित महसूस करेंगे। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य गवाहों को डराने-धमकाने से बचाना और उन्हें न्याय प्रक्रिया में सहज रूप से शामिल करना है।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी गवाही, आरोपित से नहीं होगा सामनापरिवार न्यायालय के न्यायाधीश सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि 18 वर्ष से कम के बच्चे, यौन अपराध के पीड़ित और ऐसे गवाह जो शारीरिक, मानसिक या भावनात्मक दबाव का सामना कर रहे हों, उनकी गवाही अलग कमरे में बैठाकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ली जाएगी।
इससे उन्हें आरोपित के सामने आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे गवाहों के लिए वीडब्ल्यूडीसी केंद्र काफी सहायक सिद्ध होगा।बैठक में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशिकांत ओझा, परिवार न्यायालय न्यायाधीश सुनील कुमार वर्मा, सचिव अरविंद कुमार दास सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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